नैनीताल। जनपद नैनीताल में आपदा प्रबंधन और राहत बचाव तैयारियों की दक्षता परखने के लिए मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। चार्टन लॉज, मल्लीताल में भूस्खलन, बोट हाउस क्लब में नाव पलटना, कालाढूंगी वन क्षेत्र में बाघ हमला और कैंची धाम मंदिर परिसर में भगदड़ जैसी स्थितियों का परीक्षण किया गया। राहत और बचाव दल घटनास्थलों पर तुरंत पहुंच कर घायलों को प्राथमिक उपचार देने और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की तैयारी में जुटा रहा। हल्द्वानी के कल्सिया नाला क्षेत्र में त्वरित बाढ़ की चेतावनी भी अभ्यास के तहत जारी की गई।
चार्टन लॉज क्षेत्र में भूस्खलन की सूचना मिलने पर रक्षा एवं बचाव दल ने तुरंत ग्राउंड जीरो का निरीक्षण किया और मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का अभ्यास किया। बोट हाउस क्लब में नाव पलटने की घटना के दौरान जल पुलिस और बचाव दल ने त्वरित प्रतिक्रिया दिखाई।
कालाढूंगी वन क्षेत्र में बाघ हमले की स्थिति में पुलिस और वन विभाग की टीम ने बचाव रणनीति पर काम किया, जबकि स्वास्थ्य विभाग की टीम एंबुलेंस के साथ घायलों के प्राथमिक उपचार की तैयारी में रही। कैंची धाम मंदिर परिसर में भगदड़ और ओसाड़ बैण्ड, ओखलकांडा और करायल मार्ग के बीच बस खाई में गिरने जैसी घटनाओं में भी राहत बचाव दल ने तत्परता का प्रदर्शन किया।
हल्द्वानी के कल्सिया नाला क्षेत्र में त्वरित बाढ़ की चेतावनी पर स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर ले जाने का अभ्यास किया गया। सभी घटनाओं में राहत बचाव दल की सक्रियता और तत्परता से आपदा प्रबंधन की तैयारियों का परीक्षण सफल रहा।
