नैनीताल: साल 2025 के अंतिम चंद्रग्रहण के चलते आज नैनीताल और आसपास के क्षेत्र के सभी बड़े-छोटे मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए हैं। विश्व प्रसिद्ध बाबा नीम करौली महाराज का कैंची धाम, नैना देवी मंदिर, हनुमानगढ़ मंदिर समेत सभी मंदिरों में श्रद्धालु केवल बाहर से ही पूजा-अर्चना कर पाए। मंदिर प्रांगण में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। सोमवार को सूतक काल समाप्त होने के बाद गंगाजल से मंदिरों का शुद्धिकरण कर पुनः भक्तों के लिए कपाट खोल दिए जाएंगे।
नैना देवी मंदिर के पुजारी हरीश पंत ने बताया कि रात्रि दो बजे तक चंद्रग्रहण का प्रभाव रहेगा। मंदिर में सूतक काल के दौरान पूजा-अर्चना व मूर्ति स्पर्श वर्जित माना जाता है, इसलिए सभी मंदिरों के कपाट दोपहर 12 बजकर 45 मिनट के बाद से बंद कर दिए गए हैं। सोमवार को मंदिरों को गंगाजल से शुद्ध कर खोल दिया जाएगा।
कैंची धाम से लेकर पाषाण देवी मंदिर, गोलू देवता मंदिर, शनि मंदिर, शिव मंदिर और हनुमानगढ़ तक सभी मंदिरों में यही व्यवस्था की गई है। आसपास के प्रमुख धार्मिक स्थलों जैसे घोड़ाखाल, गंगनाथ मंदिर, बाबा नीम करौली द्वारा स्थापित अन्य मंदिरों में भी सूतक काल तक पूजा-अर्चना पर रोक रहेगी।

