आंदोलनकारी महिलाओं ने लिखित आदेश जारी होने पर मनाया जश्न.
नैनीताल: नैनीताल के मंगोली और बजून क्षेत्र में शराब की दुकान खोलने के विरोध में चल रहा आंदोलन आखिरकार सफल हो गया। नौ दिन तक चले धरना-प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने क्षेत्रवासियों की मांग मानते हुए इन स्थानों पर शराब की दुकानें न खोलने का निर्णय लिया है।
आबकारी विभाग की ओर से इस संबंध में लिखित पत्र जारी किए जाने के बाद क्षेत्रवासियों ने अपना धरना प्रदर्शन स्थगित कर दिया। आंदोलन के दौरान मातृशक्ति और स्थानीय लोग लगातार एकजुट रहे और प्रशासन पर दबाव बनाए रखा।
इस पूरे आंदोलन में वरिष्ठ नेता हेम आर्या लगातार प्रशासन के संपर्क में रहे। वहीं गौरव गोस्वामी ने भी जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाई।
आंदोलन में शामिल प्रेमा मेहरा ने कहा कि यह जीत क्षेत्र की मातृशक्ति और सभी लोगों की एकजुटता का परिणाम है। उन्होंने सरकार और प्रशासन का आभार जताते हुए कहा कि जनता की आवाज को सुनकर जनहित में फैसला लिया गया है।
ग्राम प्रधान कीर्ति आर्या ने कहा कि नवरात्र के नौ दिनों की तरह ही नौ दिन तक चला यह आंदोलन अंततः सफल रहा और मां दुर्गा के आशीर्वाद से क्षेत्र के हित में निर्णय लिया गया।
खुशाल सिंह बिष्ट ने भी जिलाधिकारी और प्रशासन का धन्यवाद करते हुए कहा कि जनता की मांग को गंभीरता से लेते हुए सही निर्णय लिया गया है।
इस दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्षा देवकी बिष्ट, दलीप गोस्वामी, नीमा कनवाल, मुकेश मेहरा, विक्रम कनवाल, पुष्पा कनवाल, विजय गोस्वामी, जीवन नेगी, हंसी नेगी, मोहिनी कनवाल, मंजू आर्या सहित कई क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
