हल्द्वानी: जमरानी बांध परियोजना को समयबद्ध रूप से पूरा करने के लिए सांसद अजय भट्ट ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। सर्किट हाउस सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यह जनहित से जुड़ी महत्वाकांक्षी परियोजना निर्धारित समयसीमा में पूरी होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रगति समय से पीछे पाई जाने पर संबंधित निर्माण कंपनी पर नियमों के अनुसार पेनल्टी लगाई जाए।
सांसद ने भूमि अधिग्रहण व मुआवजा वितरण की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जिन लाभार्थियों का भुगतान लंबित है उन्हें तत्काल मुआवजा दिया जाए। जो लाभार्थी उपलब्ध नहीं हैं, उनका मुआवजा सुरक्षित रखा जाए ताकि उनकी उपस्थिति पर तुरंत भुगतान सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने परियोजना अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग, निर्माण गुणवत्ता पर सतत निगरानी और सभी कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
महाप्रबंधक महेश कुमार खरे ने बताया कि डाइवर्जन टनल का कार्य प्रगति पर है और गौलाव नदी पर 26 मीटर व 9 मीटर ऊँचे कॉफर डैम का निर्माण शुरू किया जा चुका है। डाइवर्जन का काम जून 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा, ताकि अगले मानसून में नदी का बहाव टनल से मोड़ा जा सके। मुख्य बांध निर्माण भी तेजी से किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि परियोजना क्षेत्र में आवासीय कॉलोनियों और कार्यालयों का निर्माण पूरा हो चुका है। बांध निर्माण के बाद बरेली, रामपुर, उधम सिंह नगर और नैनीताल जिलों में नहरों के माध्यम से पानी भेजा जाएगा। अब तक 8 किमी नहरों का जीर्णोद्धार कार्य पूरा किया जा चुका है, जिसे जुलाई 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है।
परियोजना प्रभावितों में से 1297 में से 1100 लोगों को लगभग 406 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित किया जा चुका है। प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए प्राग फार्म में कॉलोनी विकसित की जा रही है।
बैठक में अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी, उपमहाप्रबंधक ललित कुमार, जिला विकास अधिकारी गोपाल गिरी गोस्वामी, परियोजना प्रबंधक अजय पंत, शाह नवाज, उपराजस्व अधिकारी चंद्र शेखर, सहायक परियोजना प्रबंधक संजय तिवारी और इमरान शामिल रहे।
