नैनीताल: रविवार को रन 2 लिव संस्था की ओर से मानसून मैराथन का आयोजन किया गया, जिसमें देश-विदेश से करीब 1500 धावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस प्रतियोगिता में केन्या, नाइजीरिया जैसे देशों के धावकों ने भी हिस्सा लिया। वहीं मणिपुर से आए मयहंगम लिंगलैंग ने बताया कि उनके राज्य में मैराथन समतल मैदानों पर आयोजित होती है, जबकि नैनीताल की पहाड़ी दौड़ उनके लिए विशेष चुनौती बन रही है। उन्होंने कहा कि वे लगातार अभ्यास कर एशियन गेम्स में भाग लेने की तैयारी कर रहे हैं।
महिला वर्ग में 21 किमी दौड़ की विजेता अर्पिता ने बताया कि वे पिछले 14 वर्षों से लगातार नैनीताल मैराथन में जीत हासिल कर रही हैं। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्र में दौड़ना कठिन होता है, लेकिन मेहनत और लगन से यह संभव है। अर्पिता ने युवतियों से आगे बढ़कर खेलों में भाग लेने की अपील की और कहा कि बेहतर पर्यावरण और स्वस्थ वातावरण से प्रतियोगिताओं को और आसान बनाया जा सकता है।
पर्यटन सचिव धीराज गर्वयाल ने कहा कि वे लंबे समय से मानसून मैराथन से जुड़े हैं और इस प्रतियोगिता ने पर्यटन को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाई है। मानसून में पर्यटकों में यह भ्रम रहता है कि पहाड़ों में आना सुरक्षित नहीं है, जबकि यह मौसम पहाड़ों की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने का बेहतरीन समय है। ऐसे आयोजनों से यह संदेश जाता है कि पर्यटक मानसून में भी सुरक्षित और आनंदपूर्वक पहाड़ों का अनुभव कर सकते हैं।
प्रतियोगिता में हाई कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति आलोक मेहरा, भारतीय जीवन बीमा निगम के वरिष्ठ मंडल प्रबंधक देवेन्द्र कुमार जोशी, आयोजन सचिव हरीश तिवारी, एआरएम एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस के अरविंद कुमार, उत्तराखंड ओलंपिक कमेटी अध्यक्ष महेश नेगी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी विजेताओं को अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया।

