नैनीताल। नैनीताल मुख्यालय के पास स्थित बाल्दियाखान क्षेत्र का कून गांव बीते चार दिनों से अंधेरे में डूबा हुआ है। 15 मार्च को आए तेज तूफान के बाद यहां बिजली आपूर्ति ठप हो गई, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि लाइन में किसी तरह की तकनीकी खराबी नहीं है। इसके बावजूद बिजली विभाग की ओर से अभी तक आपूर्ति शुरू न किए जाने से पूरे गांव की दिनचर्या अस्त-व्यस्त हो गई है।
कून गांव चारों ओर से घने जंगलों से घिरा है, जहां रात होते ही जंगली जानवरों का खतरा बढ़ जाता है। लगातार अंधेरा रहने से ग्रामीणों की दहशत भी बढ़ गई है। बोर्ड परीक्षाओं के बीच बच्चों को मोमबत्ती के सहारे पढ़ाई करनी पड़ रही है, जबकि घरों में कई जरूरी काम रुक गए हैं।
ग्रामीण गौरव मेहरा ने बताया कि बिजली न होने से इंसानों के साथ पशुधन भी प्रभावित हो रहा है। चारा काटने की इलेक्ट्रिक मशीन बंद होने से मवेशियों को वक्त पर दाना-पानी नहीं मिल पा रहा। उनका कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद बिजली विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
ग्रामीण रवि बिष्ट ने भी बताया कि लाइन में कोई फॉल्ट नहीं है, फिर भी 1912 पर दर्ज की गई शिकायतों पर प्रतिक्रिया नहीं मिल रही। लोगों में विभाग की लापरवाही को लेकर गहरा रोष है और ग्रामीण लगातार समाधान की उम्मीद में हैं।
वहीं SDO प्रियंक पांडे का कहना है कि बाल्दियाखान के कुछ हिस्सों में बिजली सप्लाई बहाल कर दी गई है। उनका कहना है कि जो क्षेत्र अभी भी अंधेरे में हैं, वहां गुरुवार से आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।
