नैनीताल, उत्तराखंड — शहीदों के सरताज श्री गुरु अर्जुन देव जी के शहादत दिवस के उपलक्ष्य में नैनीताल में रविवार को एक भव्य नगर कीर्तन शोभायात्रा का आयोजन किया गया। यह ऐतिहासिक आयोजन श्रद्धा, सेवा और भाईचारे की मिसाल बनकर सामने आया, जिसमें न केवल स्थानीय नागरिकों, बल्कि देश-विदेश से आए पर्यटकों ने भी भागीदारी की।
नगर कीर्तन की शुरुआत मल्लीताल स्थित गुरुद्वारा गुरु सिंह साहिब से सुबह हुई, जो मॉल रोड होते हुए तल्लीताल डाँठ तक पहुंचा और अंततः शाम 4 बजे गुरुद्वारे में समाप्त हुआ। शोभायात्रा के दौरान संगतों ने पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं और राहगीरों के लिए सेवा भाव से हलुवा, चना, खिचड़ी, रूहअफजा और जूस जैसे प्रसाद का वितरण किया।
शोभायात्रा में शामिल “पंज प्यारे” की अगुवाई में श्री गुरु ग्रंथ साहिब को सम्मानपूर्वक ले जाया गया। गतका प्रदर्शन, ढोल-नगाड़ों की गूंज और पारंपरिक सिख वेशभूषा में शामिल श्रद्धालुओं ने यात्रियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। फतेहगढ़ साहिब से लाए गए विशेष बाज, डीजे ट्रैक्टर, सेवानिवृत्त सैनिकों के बैंड, आतिशबाज़ी और सफाई जैसे आयोजन भी आकर्षण का केंद्र रहे।
श्रद्धालुओं ने फूलों की वर्षा की, पौधे वितरित किए और जरूरतमंद बच्चों को कॉपियाँ व किताबें भी बांटीं — यह आयोजन न केवल धार्मिक श्रद्धा का प्रतीक रहा, बल्कि सामाजिक जागरूकता का संदेश भी देता रहा।
बाजपुर, रुद्रपुर, किच्छा, हल्द्वानी, कालाढूंगी, लालकुआं और गदरपुर जैसे आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस आयोजन में सम्मिलित हुए।
नगर कीर्तन ने नैनीताल की गलियों को आस्था और भक्ति के रंगों में रंग दिया, और एक बार फिर यह संदेश दिया कि सच्ची श्रद्धा सेवा और सौहार्द में निहित होती है।
