नैनीताल: सरोवर नगरी नैनीताल का 184वां स्थापना दिवस मंगलवार को मल्लीताल स्थित डीएसए बास्केटबॉल कोर्ट में धूमधाम और एकता की मिसाल के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सर्वधर्म प्रार्थना से हुई, जहां विभिन्न समुदायों के लोगों ने एक मंच पर आकर नगर की खुशहाली, शांति और समृद्धि की कामना की।
सभी समुदायों ने अपनी परंपराओं के अनुसार प्रार्थना की— सिख समुदाय की ओर से किशन सिंह और सतनाम सिंह द्वारा अरदास, इस्लामिक समुदाय से मोहम्मद जुएद और दिलशाद द्वारा अमन-चैन की दुआ, ईसाई समुदाय की ओर से पीटर द्वारा प्रार्थना, और हिंदू परंपरा के अनुसार पंडित कैलाश सुयाल द्वारा मंत्रोच्चार और हवन किया गया।
कार्यक्रम ने सर्वधर्म समभाव और एकता का सशक्त संदेश दिया।
स्थापना दिवस पर नगरवासियों और आए हुए मेहमानों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं और केक काटकर जश्न मनाया। साथ ही जरूरतमंदों और स्कूली बच्चों को कंबल वितरित किए गए, जिससे कार्यक्रम में सेवा और सद्भाव का रंग भी देखने को मिला।
इतिहास के अनुसार, 18 नवंबर 1841 को अंग्रेज व्यापारी पी बैरन पहली बार नैनीताल पहुंचे थे। नगर की सुंदरता ने उन्हें इतना प्रभावित किया कि उन्होंने इसे दुनिया के सामने पेश किया। इसलिए उसी तारीख को हर वर्ष नैनीताल का जन्मदिन मनाया जाता है।

कार्यक्रम का संचालन मीनाक्षी कीर्ति और प्रो. ललित तिवारी ने किया। इस मौके पर व्यापार मंडल के अध्यक्ष मारुति नंदन साह, ईशा साह, आशा शर्मा, नीलू एल्हेन्स, प्रदीप जेठी, आनंद बिष्ट, हेमंत पांडे, अलोक जोशी, डीएन भट्ट, मंजीत सिंह, भगवत रावत, हर्षित साह, मोहित लाल साह, मनोज साह जगाती, मोहित जगाती सहित कई लोग मौजूद रहे।
इसी उत्सव के तहत रामा मॉन्टेसरी द्वारा भी नगर का जन्मदिन हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। गौशाला और आंगनबाड़ी स्कूल के बच्चों के साथ शिक्षकों ने मिलकर सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से नैनीताल की समृद्ध परंपरा और सामुदायिक सौहार्द का संदेश दिया।
प्रधानाचार्य नीलू एल्हेन्स के नेतृत्व में रेखा त्रिवेदी, रेखा कंसल, वर्षाजंली श्रीवास्तव, निधि कंसल, मोनिका साह और मानसी कार्की सहित शिक्षकों ने केक काटकर नैनीताल को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं और शहर की उन्नति की कामना की।
