उत्तराखंड हाईकोर्ट(नैनीताल हाईकोर्ट)
नैनीताल: उत्तराखंड के हाई कोर्ट ने ब्लॉगर के मामले में सुनवाई करते हुए उन्हे बड़ी राहत दी है। उनके खिलाफ दर्ज कई मुकदमो में गिराफ्तारी पर रोक लगाने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट नें पांच गिराफ्तारी पर रोक लगा दी हैं। यह आदेश अवकाश कालीन जज न्यायमूर्ति अलोक महरा की एकलपीठ ने दिया हैं। साथ हीं कोर्ट ने राज्य सरकार को तीन हफ्ते में अपने जवाब देनें को कहा है।
कोर्ट ने आदेश देते हुए कहा है कि ज्योति अधिकारी सोशल मीडिया से तुरंत अपनी ऐसी पोस्ट हटाए जो लोगो की भावनाओं को आहत करती है। जिस से अब किसी की भावनाओं को आहात ना पहुचे।
कोर्ट ने कहा की सोशल मीडिया मे पोस्ट करते हुए सही भाषा का उपयोग करना अति आवश्यक है जिस से किसी भी व्यक्ति की आस्था या मन को ठेस ना पहुचें।
उलेखनीय है कि पिछले कुछ दिनों से पहाड़ी सोशल मीडिया इन्फुलेंसर ज्योति अधिकारी को लेकर काफी सवाल खड़े हो गये थे, उनके खिलाफ प्रदेश के हल्द्वानी, रुद्रपुर, अल्मोड़ा व अलग अलग जगहों के थानों में शिकायत दर्ज की थी, उन पर कुमाऊं की महिलाओ पर आपतिजनक बयान देने और देवी देवताओं को भला बुरा का आरोप लगा था साथ हीं उनके द्वारा खुले मे दराती लहराने का आरोप भी था। इन सभी विवादों के कारण पुलिस ने ज्योति अधिकारी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था।
इन सभी आरोपों से घिरी ज्योति अधिकारी को मंगलवार 13 जनवरी को बड़ी कानूनी राहत मिली थे। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) न्यायालय ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार करते हुए उन्हें रिहा करने के आदेश जारी किये थे।
