हल्द्वानी: उत्तराखंड की सोशल मीडिया इन्फुलेंसर ज्योति अधिकारी इन दिनों अपने तीखे बयानों को लेकर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं, उन्होंने अब अपना नाम अब ज्योति अधिकार भी रख लिया है।
इसी तरह की बयान बाजी करते हुए उन्होंने कुछ ऐसा बोल दिया जिस से उन के खिलाफ सामाजिक संगठनों ने पुलिस में एफ आई आर दर्ज कराई हैं।
सम्माजिक संगठनों का कहना है कि उनके द्वारा कहा गया कि “कुमाऊं की औरते तो कौतिक में नाच रही है,” और कुमाऊं के देवी देवताओं के बारे में भी उन्होंने कुछ ऐसे हीं आपतिजनक बयान दिए। जिस से कुमाऊं की लोक संस्कृति व उनके देवी देवताओं की प्रति अस्था व उनकी छवि को खराब करते है।
पहाड़ के देवी देवता ना केवल एक देवी या देवता है, बल्कि वे इस से भी कई बढ़कर है और उनका ऐसे ही फ़र्ज़ी बता देना उनकी छवि को खराब करता है व उन्हे मानने वाले लोगों की अस्था को भी ठेस पहुँचता है।
पहाड़ के सामाजिक संगठन व कार्यकर्ताओ व सामाजिक कार्यकर्ताओं संस्थाओ का कहना है कि इस तरह की मानसिता रखने वाले और पहाड़ की सांस्कृति को ठेस पहुंचने वालो को पहाड़ की सभी आयोजनों से दूर रखा जाना चाहिए।
पहाड़ की संस्कृति का किसी भी राजनीति लाभ लेने कोशिश की जा रही है,
सामजिक कार्यकर्तो व संगठनों ने साफ साफ कहा है कि जैसे उन्होंने सबके सामने कुमाऊं की संस्कृति को मज़ाक बनाया है उसी तरह अब उस टिप्पणी के लिए सबके सामने आकर माफ़ी मागे।
