नैनीताल: झीलों की नगरी नैनीताल में पारंपरिक नंदा देवी महोत्सव अष्टमी के दिन आस्था और उल्लास के शिखर पर पहुँच गया। सुबह से ही नंदा देवी मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। माता नंदा-सुनंदा के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नगर की कई सामाजिक संस्थाओं ने सेवाएं शुरू कीं। होटल एसोसिएशन की ओर से भक्तों को निःशुल्क जूस पिलाया गया, वहीं राम सेवक सभा ने नि:शुल्क जूता-चप्पल स्टैंड की व्यवस्था की।
पूरे दिन मेले का नजारा उत्सवधर्मी बना रहा। महिलाएं चूड़ी, कपड़े, चादर, पर्दे, कालीन और घरेलू सामान की खरीदारी में जुटीं। बच्चों ने झूलों और खिलौनों का आनंद लिया। पकौड़ी की दुकानों पर सबसे ज्यादा भीड़ रही, जबकि मोमो और चाट के स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र बने रहे।
महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी लोगों का मन मोह लिया। कुमाऊंनी लोक नृत्य और भजन संध्या में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। शुक्रवार को माता नंदा-सुनंदा की डोलियों को ढोल-दमाऊं और बैंड-बाजों के साथ नगर भ्रमण कराया जाएगा। इस भव्य शोभायात्रा का साक्षी बनने के लिए स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दराज़ से आए श्रद्धालु भी उत्साहित हैं।
नैनीताल में नंदा देवी महोत्सव केवल धार्मिक आस्था का पर्व ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक धरोहर और लोक परंपराओं के संरक्षण का प्रतीक बन चुका है।

