नैनीताल: अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर नैनीताल में गुस्सा देखने को मिला। मंगलवार को कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और आम लोग सड़कों पर उतरे। सभी ने मोमबत्तियां हाथ में लेकर अंकिता को न्याय दिलाने की मांग की और सरकार के खिलाफ नारे लगाए।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शाम करीब पौने छह बजे मल्लीताल स्थित पंत पार्क में लोग जुटे। यहां अंकिता भंडारी के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारी और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने मल्लीताल से तल्लीताल तक मालरोड पर कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान नारेबाजी होती रही और सरकार पर मामले को हल्के में लेने के आरोप लगाए गए।
कैंडल मार्च में शहर के आम नागरिकों की भागीदारी भी देखने को मिली, जिससे यह कार्यक्रम जनआंदोलन का रूप लेता नजर आया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि पूरे मामले की जांच न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए और सीबीआई से जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
कैंडल मार्च के दौरान माहौल पूरी तरह संवेदनशील और भावनात्मक रहा। हाथों में जलती मोमबत्तियां लिए लोग अंकिता के लिए न्याय की मांग करते नजर आए। नारेबाजी के बीच यह आरोप लगाए गए कि रसूखदारों को बचाने की कोशिश की जा रही है। मार्च के बाद तल्लीताल स्थित गांधी चौक पर एक सभा भी आयोजित की गई।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि अंकिता भंडारी मामले में लगातार नए वीडियो सामने आ रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग खामोश हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल एक हत्या का मामला नहीं है, बल्कि पहाड़ की बेटियों की अस्मिता और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।
वक्ताओं ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाली सरकार आज खुद सवालों के घेरे में है। उन्होंने मांग की कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों को जल्द से जल्द सख्त से सख्त सजा दी जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
कैंडल मार्च और सभा में कांग्रेस जिलाध्यक्ष राहुल छिमवाल, नगर अध्यक्ष अनुपम कबड़वाल, हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश, नैनीताल विधानसभा के पूर्व विधायक संजीव आर्य, पूर्व सांसद डॉ. महेंद्र पाल, पालिकाध्यक्ष डॉ. सरस्वती खेतवाल, पूर्व पालिकाध्यक्ष सचिन नेगी, मुकेश जोशी, संजय कुमार संजू, गोपाल बिष्ट, सतीश टमटा, राजेंद्र बिष्ट सहित कई वरिष्ठ नेता, कांग्रेस कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल रहे।
