नैनीताल: 123वें नैना देवी महोत्सव में इस बार महिला समूहों की भागीदारी ने मेले को नई पहचान दी है। शहर की जानी-मानी सामाजिक कार्यकर्ता और महिला सशक्तिकरण की दिशा में काम कर रही नैनीताल की बेटी काजल चौधरी ने महोत्सव को लेकर विशेष शुभकामनाएँ दीं।
चौधरी ने बताया कि जिला प्रशासन की पहल से मेले में लगे छोटे-छोटे स्टॉल्स ने कई बेरोजगार और घरेलू महिलाओं को रोजगार से जुड़ने का मौका दिया। इन स्टॉल्स में खाद्य सामग्री, खादी वस्त्र, कुमाऊनी अचार, मुरब्बा, शहद, वूलन प्रोडक्ट्स, जुट आइटम्स और पारंपरिक गारमेंट्स की प्रदर्शनी की गई, जिसने लोगों का खूब ध्यान खींचा।
काजल चौधरी ने महिला समूहों की महिलाओं से मुलाकात कर उनके अनुभव सुने। महिलाओं ने जिला प्रशासन और जिलाधिकारी वंदना सिंह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस बार मेले में उन्हें अपनी कला और उत्पाद दिखाने का बेहतर अवसर मिला। चौधरी ने भी महिलाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी खुशी देख कर गर्व होता है कि महिला समूह उत्तराखंड की संस्कृति, खानपान और पहनावे को आगे बढ़ा रहे हैं।
महिलाओं ने सुझाव दिया कि नगर पालिका नैनीताल की ओर से उन्हें स्थायी जगह उपलब्ध कराई जाए, जहाँ वे समय-समय पर अपने स्टॉल्स लगाकर रोजगार को आगे बढ़ा सकें। चौधरी ने कहा कि आज के समय में महिलाओं का आर्थिक रूप से सशक्त होना बेहद ज़रूरी है, और महिला समूह इस दिशा में एक मजबूत प्लेटफ़ॉर्म बन चुका है। उन्होंने जिला प्रशासन से अपील की कि ऐसी महिलाओं को सरकारी योजनाओं से जोड़कर और अधिक सशक्त बनाया जाए।
अंत में काजल चौधरी ने नैनीताल जिला प्रशासन, जिलाधिकारी वंदना सिंह, पुलिस विभाग, अधिवक्ता पैनल और पत्रकार साथियों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने सामंजस्य बनाकर इस बार के महोत्सव को सफल और यादगार बनाया।


