नैनीताल। प्रदेश में बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लूएंजा) के मामले सामने आने के बाद नैनीताल जू प्रशासन भी सतर्क हो गया है। बर्ड फ्लू से सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जू में रखे जाने वाले वन्यजीवों की डाइट से अंडा और चिकन पूरी तरह हटा दिए गए हैं। इसके साथ ही पूरे जू परिसर में लगातार सैनिटाइजेशन किया जा रहा है और हर जानवर के स्वास्थ्य पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।
देशभर के कई राज्यों में बर्ड फ्लू के कारण बड़ी संख्या में मुर्गियों की मौत हो चुकी है। ऐसे हालात को देखते हुए नैनीताल में बाहरी जिलों से मुर्गी और अंडों की सप्लाई पर रोक लगा दी गई थी। जिले के सभी पोल्ट्री फार्मों में पशु चिकित्सा विभाग की टीमें पहुंचकर सैंपलिंग कर रही हैं, ताकि बीमारी का समय रहते पता लगाया जा सके।
इसी के बाद जू प्रबंधन ने भी एहतियातन कदम उठाए। उच्चाधिकारियों से मिले निर्देशों के बाद मांसाहारी जीवों की खुराक में बदलाव किया गया है। जू परिसर में रोजाना चूने का छिड़काव और साफ-सफाई सुनिश्चित की जा रही है।
डीएफओ चंद्रशेखर जोशी ने जानकारी दी कि गाइडलाइन जारी होने के बाद जू प्रशासन पूरी सावधानी बरत रहा है। डॉक्टरों की टीम हर रोज वन्यजीवों की जांच कर रही है और प्रवासी पक्षियों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। इसके अलावा जंगलों में भी निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि अगर कहीं मृत पक्षी दिखाई दे तो उसे तुरंत संरक्षण में लेकर सैंपलिंग के लिए भेजा जा सके।
