देहरादून: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दौरे से ठीक पहले राजधानी दून से एक संदिग्ध आतंकी की गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। उत्तराखंड एसटीएफ और दून पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में झाझरा क्षेत्र से विक्रांत कश्यप नामक युवक को पकड़ा गया, जो पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन अल-बद्र ब्रिगेड से जुड़े शहजाद भट्टी के संपर्क में था।
जांच में सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के जरिए लगातार अपने पाकिस्तानी हैंडलर से जुड़ा हुआ था। उसके जरिए देहरादून के कई संवेदनशील और सामरिक महत्व के स्थानों—जैसे भारतीय सैन्य अकादमी (IMA), पुलिस मुख्यालय (PHQ), आईएसबीटी और अन्य सरकारी संस्थानों की लोकेशन, फोटो और वीडियो पाकिस्तान भेजे जा रहे थे।
एसटीएफ अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी को इन स्थानों की रेकी कर आतंकी गतिविधियों के लिए तैयार किया जा रहा था। उसे शहर में तहरीक-ए-तालिबान-हिंदुस्तान (TTH) के नाम से ग्राफिटी लिखकर दहशत फैलाने के निर्देश भी दिए गए थे। जांच में यह भी सामने आया कि उसने झाझरा, सेलाकुई और अडवाणी पुल के पास दीवारों पर स्प्रे पेंट से TTH लिखकर वीडियो बनाकर अपने आकाओं को भेजा था।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने चौंकाने वाला खुलासा किया कि वह पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला का प्रशंसक था और उनकी हत्या से आहत होकर बदले की भावना में आ गया था। इसी दौरान सोशल मीडिया के जरिए उसकी मुलाकात शहजाद भट्टी से हुई, जिसने उसे धीरे-धीरे अपने जाल में फंसा लिया और आतंकी गतिविधियों की ओर मोड़ दिया।
एजेंसियों के अनुसार, आरोपी को कोड वर्ड में निर्देश दिए जाते थे। वह बार-बार अपने आकाओं से पूछता था “कहां आलू गिराने हैं”, जिसका मतलब हैंड ग्रेनेड से हमला करना बताया गया है। उसे दिल्ली में एक महिला अधिवक्ता और अन्य लक्ष्यों को निशाना बनाने के निर्देश भी दिए गए थे। इसके लिए उसे पिस्टल और कारतूस भी उपलब्ध कराए गए थे, जो पुलिस ने बरामद कर लिए हैं।
इसके अलावा आरोपी को नेपाल के रास्ते दुबई भेजकर आतंकी नेटवर्क में शामिल करने और आर्थिक मदद देने का लालच भी दिया गया था। जांच में यह भी सामने आया है कि देश के अलग-अलग राज्यों में हुई कुछ घटनाओं के तार इसी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्रेमनगर थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया है और उससे गहन पूछताछ जारी है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और चैट्स की जांच के जरिए नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
इस कार्रवाई को सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि समय रहते एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया गया। फिलहाल देहरादून समेत आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और सभी संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
