नैनीताल: उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने नैनीताल जिले के काठगोदाम से लालकुआं तक सड़क चौड़ीकरण के बाद बने बेतरतीब कटों के कारण लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं का स्वतः संज्ञान लिया है। कोर्ट ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी नैनीताल, आईजी यातायात और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के डायरेक्टर/प्रोजेक्ट मैनेजर को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि पिछले आठ महीनों में काठगोदाम, लालकुआं, गौरापडाव और तीनपानी क्षेत्रों में बने इन अव्यवस्थित कटों के कारण करीब 14 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं और उनका बाहरी अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
यह मामला तब सामने आया जब लालकुआं निवासी सामाजिक कार्यकर्ता भुवन चंद्र पोखरिया और ग्रामीणों ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर स्थिति की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने मांग की कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को दुर्घटनाओं में मृतकों के परिजनों और घायलों को मुआवजा देने के लिए बाध्य किया जाए।
कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद तय की है।
