देहरादून/बिजनौर – अफवाह कभी-कभी कितनी खतरनाक साबित हो सकती है, इसका ताज़ा उदाहरण बिजनौर जिले के राजपुर नन्हेड़ा गांव में देखने को मिला। यहां गुरुवार सुबह एक युवती के बारे में खबर फैली कि उसे खेत से गुलदार उठा ले गया। कुछ ही मिनटों में पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस से लेकर वन विभाग तक हरकत में आ गया। लेकिन देर शाम जब युवती देहरादून में अपने प्रेमी के साथ सकुशल मिली, तो पूरी कहानी का सच सामने आ गया।
सुबह लगभग नौ बजे गांव निवासी विनोद देवी अपनी दोनों बेटियों के साथ जंगल की ओर पशुओं के लिए चारा लेने गई थीं। इसी दौरान 20 वर्षीय साक्षी ने शौच जाने के लिए खेत की ओर रुख किया। कुछ ही देर बाद खेत की दिशा से तीन बार “मां” की आवाज आई और फिर अचानक सन्नाटा छा गया। जब परिवार ने आवाज लगाई तो कोई जवाब नहीं मिला। खेत के किनारे साक्षी की चप्पलें पड़ी मिलीं, जिसके बाद परिजनों ने मान लिया कि गुलदार ने हमला कर दिया है।
घटना की जानकारी मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। सैकड़ों ग्रामीण खेतों में जुट गए। पुलिस, प्रशासन और वन विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर घंटों तक सर्च अभियान चलाया। ड्रोन की मदद से खेतों और जंगलों की तलाशी ली गई, लेकिन युवती या गुलदार का कोई सुराग नहीं मिला।
दोपहर से शाम तक यह खबर पूरे इलाके और सोशल मीडिया पर फैल गई कि गुलदार युवती को उठा ले गया। ग्रामीणों में भय का माहौल बन गया। लेकिन शाम करीब छह बजे युवती के पिता के मोबाइल पर साक्षी का फोन आया। उसने बताया कि वह देहरादून में है और सुरक्षित है।
डीएफओ जय सिंह कुशवाह ने बताया कि मौके पर किसी भी प्रकार के गुलदार के निशान नहीं मिले। उन्होंने कहा कि जल्दबाजी और अफवाह के कारण बेवजह डर फैल गया। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि गलत सूचना फैलाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि युवती प्रेमी के साथ देहरादून चली गई थी और परिवार ने समाज में बदनामी से बचने के लिए “गुलदार उठा ले गया” जैसी कहानी बना दी। फिलहाल युवती सुरक्षित है और पुलिस ने उसे बरामद कर लिया है। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि अफवाहें कभी-कभी किसी जंगली जानवर से भी ज़्यादा खतरनाक साबित हो सकती हैं।
