देहरादून: साल 2025 का दूसरा पूर्ण चंद्रग्रहण आज रविवार रात 9:57 बजे से शुरू होकर मध्यरात्रि के बाद 1:26 बजे तक रहेगा। ग्रहण का मध्य समय रात 11:42 बजे बताया गया है, जब चंद्रमा पूरी तरह से पृथ्वी की छाया में आ जाएगा। इसी दिन से पितृ पक्ष की शुरुआत भी हो रही है, जिसे श्राद्धपक्ष कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक रविवार दोपहर 12:57 बजे से शुरू होगा और चंद्रग्रहण समाप्त होने तक प्रभावी रहेगा। बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए सूतक काल शाम 6:35 बजे से लागू होगा।
धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए देशभर में प्रमुख मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। उत्तराखंड में चारों धाम बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के साथ ही पंचकेदार गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, विश्वनाथ मंदिर, त्रियुगीनारायण, कालीमठ, नृसिंह मंदिर (ज्योतिर्मठ), योग बदरी (पांडुकेश्वर) और भविष्य बदरी के कपाट दोपहर से बंद रहेंगे। बदरीनाथ के धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल ने बताया कि ग्रहण के दौरान सभी मंदिरों में पूजा-अर्चना स्थगित रहेगी और सोमवार प्रातःकाल गर्भगृह की सफाई के बाद दर्शन शुरू किए जाएंगे। हरिद्वार में हरकी पैड़ी पर दोपहर में ही गंगा आरती की जाएगी, जबकि काशी विश्वनाथ मंदिर में भी कपाट सोमवार तक बंद रहेंगे।
बीकेटीसी के मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश चंद्र गौड़ ने कहा कि चंद्रग्रहण शुरू होने से करीब 9 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है, जिसके चलते मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। उन्होंने श्रद्धालुओं से धार्मिक परंपराओं का पालन करने की अपील की है।
धार्मिक और प्रशासनिक तैयारी
धार्मिक परंपराओं के साथ प्रशासन ने भी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की हैं। मंदिर समितियों ने कपाट बंद करने से लेकर सफाई और दर्शन व्यवस्था तक सभी तैयारी पूरी कर ली है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे सूतक और ग्रहण काल में सावधानी बरतें और दान पुण्य ग्रहण समाप्त होने के बाद करें।

