हल्द्वानी के बरेली रोड पर मेडिकल कॉलेज के सामने स्थित पुरानी कत्था फैक्ट्री और उससे सटी करीब 18 बीघा नजूल भूमि को प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई के तहत कब्जे में ले लिया। करोड़ों रुपये मूल्य की इस जमीन पर लंबे समय से अवैध निर्माण कर कब्जा कर लिया गया था। इनमें कच्चे-पक्के मकान, झोपड़ियां और खंडहरनुमा फैक्ट्री शामिल थी, जो असामाजिक तत्वों का अड्डा बनती जा रही थी।
कार्रवाई की सुबह जब नगर निगम की टीम जेसीबी लेकर मौके पर पहुंची तो इलाके में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते फैक्ट्री की दीवारें ढहाई जाने लगीं, झोपड़ियां जमींदोज कर दी गईं और आसपास के सभी अवैध निर्माण ध्वस्त कर दिए गए। यह पूरा इलाका कई सालों से कब्जे में था, जिसे अब पूरी तरह प्रशासन ने अपने अधिकार में ले लिया है।
एसडीएम राहुल शाह ने मौके पर बताया कि ये पूरी जमीन नजूल की है और इसका फ्रीहोल्ड नहीं कराया गया था। यहां कुछ लोगों ने गैरकानूनी तरीके से कब्जा कर निर्माण कर लिया था, जिसकी शिकायतें लगातार मिल रही थीं। उन्होंने कहा कि यह जगह असामाजिक तत्वों के लिए पनाहगाह बन गई थी, जिसे अब पूरी तरह से मुक्त करा लिया गया है।
नगर आयुक्त ऋचा सिंह ने स्पष्ट किया कि अब जब यह जमीन सरकार के कब्जे में है, तो यहां किसी भी प्रकार की निजी गतिविधि नहीं की जा सकेगी। उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले समय में इस जमीन का उपयोग जनहित में किया जाएगा। जमीन पर अब चेतावनी बोर्ड लगा दिया गया है कि यह सरकारी भूमि है और इस पर किसी भी तरह की गतिविधि करना कानूनन अपराध होगा।
इस पूरे अभियान में एसडीएम राहुल शाह, नगर आयुक्त ऋचा सिंह, तहसीलदार मनीष बिष्ट, सहायक नगर आयुक्त गणेश भट्ट समेत नगर निगम की बड़ी टीम मौजूद रही। प्रशासन ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के लिए अब कोई रियायत नहीं है।
