उत्तराखंड: उत्तराखंड में मानसून का कहर थमता नजर नहीं आ रहा। खासकर पर्वतीय इलाकों में बारिश से राहत की कोई संभावना नहीं है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक भारी बारिश, गर्जन और आकाशीय बिजली की संभावना जताई है। आज देहरादून, बागेश्वर और नैनीताल में भारी बारिश हो सकती है, जबकि अन्य जिलों में तेज बौछारें और बिजली गिरने की आशंका है। फिलहाल पूरे प्रदेश में येलो अलर्ट जारी है।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 17 और 18 सितंबर तक हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा। इस बार मानसून सामान्य से 21 प्रतिशत अधिक बरस चुका है और आने वाले दिनों में और बारिश बढ़ सकती है।
बारिश का असर सड़कों पर भी दिख रहा है। मसूरी से यमुना ब्रिज तक राष्ट्रीय राजमार्ग 707ए कई जगह मलबा गिरने से क्षतिग्रस्त हो गया है। जौनसार बाबर में पहाड़ खिसकने से यमुनोत्री हाईवे समेत कई सड़कें बंद हो गई हैं। जेसीबी मशीनों से मलबा हटाने का काम जारी है। इससे मसूरी में सब्जी, दूध और जरूरी सामान की आपूर्ति प्रभावित हुई है।
हरिपुर-कोटी-मीनस राज्य राजमार्ग करीब 14 घंटे बंद रहा, जबकि दिल्ली-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग 7 घंटे तक बाधित रहा। मसूरी के जबरखेत क्षेत्र में एक घर की छत पर पेड़ गिर गया, जिससे नुकसान हुआ है।
नैनीताल जिले में सुबह से बादल छाए हैं और हल्की बारिश शुरू हो गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं दिख रहा और बारिश से सतर्क रहने की जरूरत है।
