हरिद्वार: अपनी हीं 11 साल की पुत्री से दुष्कर्म करने वाले पिता को अदालत ने कड़ी सजा सुनाई है। तक़रीबन 3 साल चले इस मामले में चन्द्रमणि रॉय की अदालत ने आरोपी पिता को 20 साल का कठोर करावास व जुर्माने से दंडित किया है, साथ में राज्य सरकार को आदेश दिये है कि एक माह के भीतर पीड़िता को मुआवजे के रूप में एक लाख रुपए दिये जाए।इस संवेदनशील मामले में 11 साल की बच्ची ने पिता और उसके साथ हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग कर रखी थी जिस से उसे न्याय मिला|
सरकारी अधिवक्ता भूपेंद्र चौहान के अनुसार 2023 में हरिद्वार जिले के कनखल थाना क्षेत्र में पिता द्वारा ही अपनी ही नाबालिक बेटी के साथ दुष्कर्म करने और किसी को भी बताने पर जान से मारने की धमकी का मामला सामने आया था. नाबालिक पीड़िता ने बताया जब उसकी उम्र आठ नौ साल की थी, तब से हीं आरोपी पिता उसके साथ जबरदस्ती कुकर्म करता आ रहा है.
यह बात उसने परिवार के बाकी लोगों को बताई चाही, तो पीड़िता की बात परिजन अनसुना कर देते थे .नाबालिक पीड़िता ने अपने पिता निवासी कनखल हरिद्वार के विरुद्ध केस दर्ज कराया था. जिस पर पुलिस ने कार्यवाही करते हुए आरोपी पिता को गिरफ्तार कर जेल भेजा.
इस केस की जांच के बाद पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की. पीड़िता ने सबूत के तौर पर आरोपी पिता की मोबाइल में रिकॉर्डिंग भी कर रखी थी, जो केस में बड़ा सबूत बनी।
पीड़िता ने बताया कि कोई भी उसकी बात पर यकीन नहीं कर रहा था जिस कारण उसने पिता व अपने बीच हुई बातचीत की मोबाइल में रिकॉर्डिंग कर ली थी. जिसके बाद आरोपी पिता की आवाज परीक्षण के लिए रिकॉडिंग को सीएफएसएल लैब भेजा गया था.
रिपोर्ट आने बाद आरोपी पिता की पुष्टि हुई. जिसके बाद सरकारी पक्ष की ओर से छह गवाह पेश किए गए, वहीं बचाव पक्ष की ओर से दो गवाह अदालत में प्रस्तुत किए गए. सबूतों और गवाहों के मद्देनजर कोर्ट ने आरोपी पिता को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष की कठोर कैद और 30 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है. कोर्ट ने साफ कहा की अगर आरोपी अर्थडण्ड नहीं देता है तो उसे तीन महीने तक और करावास भोगना होगा। साथ हीं राज्य सरकार को पीड़ित बच्ची को चार लाख रुपये मुआवजा राशि एक माह में देने के आदेश दिए हैं.
