उत्तराखंड: खाद्य व नागरिक आपूर्ति विभाग ऋषिकेश द्वारा राष्ट्रीय खाद्यांन सुरक्षा परियोजना (एनएफएसवाइ) के तहत जारी सफ़ेद राशन कार्डो के सत्यापन करने के बाद बड़ा हीं चौकाने वाला खुलासा हुआ है।
जांच में सामने आया है कि पक्के मकान, महंगी गाड़िया और पूरे ठाठ बाठ में रहने वाले लोग भी सरकारी राशन की डकार मार रहे है। इसमे 2500 से ज्यादा अपात्र एनएफएसवाइ का लाभ ले रहे थे । जबकी ये परिवार इस योजना की किसी भी शर्तो को पूरा नहीं करते और लगभग सभी के पास अपने खुद के पक्के आवास, महँगी गाड़िया और कई लोगों के पास सरकारी नौकरी तक होने की संभावना है।
अब इस प्रकार के सभी लोगों के राशन कार्ड निरस्त करने की कार्यवाही की जा रही है।
खाद्य व नागरिक आपूर्ति निरीक्षक के नेतृत्व में ऋषिकेश नगर निगम क्षेत्र- श्यामपुर, रायवाला, चिदरवाला और आसपास के सभी क्षेत्रों में सफ़ेद राशन कार्ड का सत्यापन किया गया । इस सत्यापन में करदधरोको की कुल आय, उनकी आर्थिक स्थिति, और भी कई दायरों में जांच की हुई।
जांच में यह भी उजागर हुआ कि कई सारे राशन कार्ड लम्बे अरसे से निष्किय थे, जबकी बड़ी मात्रा में कार्डो को डुप्लीकेट भी निकला गया है। सत्यापन जांच के बाद कुल 2567 आपत्र राशन कार्ड की सूची तैयार की गयी। और सभी को अब निरस्त करने का कार्य किया जायेगा।
सभी आपत्रों को निरस्त करने के बाद सिर्फ उन्हे ही इसका लाभ मिलेगा जिन्हे इसकी असल में जरूरत है। निरीक्षक सुनील देवली ने बताया कि निरस्तीकरण के बाद खाली यूनिटों में शिव्या , निराशित बूढ़े, मानसिक रूप से कमजोर व अति गरीब लोगों को इसका लाभ मिलेगा।
