रुद्रप्रयाग: रुद्रप्रयाग जनपद के बधाणीताल से भुनाल गांव तक 9 किलोमीटर मोटरमार्ग निर्माण की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे तीन ग्रामीणों में से दो की तबीयत बिगड़ गई। इससे प्रशासन और लोक निर्माण विभाग में हड़कंप मच गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच के बाद ग्रामीणों को अस्पताल ले जाने का प्रयास किया, लेकिन अनशनकारियों ने तब तक उठने से इनकार कर दिया जब तक डीएम, डीएफओ और विधायक स्थल पर न पहुँचें।
बुजुर्ग अनशनकारियों की गंभीर स्थिति को देखते हुए विधायक भरत सिंह चौधरी, डीएम प्रतीक जैन और डीएफओ रजत सुमन मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने नाराज़गी जताते हुए कहा कि वर्षों से केवल आश्वासन मिल रहा है, लेकिन सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं हुआ।
डीएम प्रतीक जैन ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि तीन दिनों के भीतर फॉरेस्ट क्लीयरेंस की फाइल शासन को भेज दी जाएगी। इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों को जूस पिलाकर भूख हड़ताल समाप्त करवाई गई।
गौरतलब है कि बधाणीताल से भुनाल गांव तक प्रस्तावित 9 किमी मोटरमार्ग की मांग को लेकर ग्रामीण 35 वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं। सड़क न होने के कारण स्थानीय लोग आज भी स्वास्थ्य सेवाओं और आपात स्थितियों में गंभीर परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
इस मार्ग के निर्माण से पश्चिमी बांगर की 16 और पूर्वी बांगर की 6 ग्राम पंचायतें लाभान्वित होंगी, जिससे लगभग 20 हजार की आबादी को राहत मिलेगी। साथ ही क्षेत्र में पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी विकसित होंगे।
डीएम प्रतीक जैन ने बताया कि प्रस्तावित मार्ग में लगभग 1271 पेड़ प्रभावित होंगे, जिनके स्थान पर समान क्षेत्रफल में वृक्षारोपण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह उनका व्यक्तिगत वचन है कि जल्द से जल्द इस क्षेत्र को सड़क मार्ग से जोड़ा जाएगा।

