प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 फरवरी को उत्तरकाशी जनपद के प्रसिद्ध हर्षिल-मुखबा क्षेत्र का दौरा करेंगे। यह यात्रा शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने और हिमालयी क्षेत्रों की प्राकृतिक व सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर लाने का संदेश देगी।
प्रधानमंत्री की इस यात्रा को लेकर हर्षिल घाटी के आठ गांवों में खासा उत्साह है। स्थानीय ग्रामीणों को अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आवास व भोजन की व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ग्रामीणों को भी प्रवेश के लिए अनुमति पत्र जारी किए जाएंगे।
इस दौरे की तैयारियों को लेकर प्रांतीय रक्षक दल और युवा कल्याण विभाग ने स्थानीय लोगों के साथ बैठक की। जिला युवा कल्याण अधिकारी विजयप्रताप भंडारी और उनकी टीम ने ग्रामीणों को बताया कि यह आयोजन केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि सामुदायिक सहभागिता का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री के आगमन से लगभग दो से तीन घंटे पहले हर्षिल और मुखबा में प्रवेश सीमित कर दिया जाएगा, और केवल पासधारकों को ही अनुमति मिलेगी। स्थानीय प्रशासन ने आग्रह किया है कि ग्रामीण इस कार्यक्रम को व्यक्तिगत जिम्मेदारी समझें और इसे सफल बनाने में अपनी भूमिका निभाएं।
प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा से न सिर्फ हर्षिल घाटी बल्कि पूरे उत्तराखंड में पर्यटन को एक नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।
