रुद्रप्रयाग: केदारनाथ धाम से करीब पांच किलोमीटर दूर चोराबाड़ी ग्लेशियर में गुरुवार दोपहर लगभग तीन बजे हिमस्खलन हुआ। अचानक ग्लेशियर का एक हिस्सा टूटकर नीचे गिरा, जिससे जोरदार गर्जना के साथ धूल और धुंए का गुबार पूरे इलाके में फैल गया। आवाज इतनी तेज थी कि धाम क्षेत्र में मौजूद लोगों में दहशत का माहौल बन गया।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि घटना मंदिर क्षेत्र से दूरी पर हुई है और धाम की सुरक्षा पर कोई खतरा नहीं है। घटना के तुरंत बाद पुलिस, एसडीआरएफ और प्रशासन की टीमें सक्रिय हो गईं। चोराबाड़ी ताल की ओर जाने वाले रास्तों पर निगरानी और सुरक्षा बढ़ा दी गई है। यात्रियों और पुजारियों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के दिनों में लगातार बारिश और तापमान में बदलाव के कारण ग्लेशियरों में दरारें बढ़ रही हैं, जिससे हिमस्खलन की घटनाएं हो रही हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि मलबा नीचे घाटी की ओर गिरा और धूल का घना गुबार देर तक छाया रहा।
फिलहाल किसी तरह के नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं है। प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से संवेदनशील इलाकों, खासकर चोराबाड़ी ताल की ओर न जाएं।
गौरतलब है कि 2013 की केदारनाथ आपदा में भी इसी क्षेत्र ने भारी तबाही देखी थी, जिसके कारण इसे संवेदनशील माना जाता है।
