रामनगर: रामनगर के थारी क्षेत्र में भूमि विवाद के दौरान राजस्व टीम के साथ हुई अभद्रता ने प्रशासन को सख्त रुख अपनाने पर मजबूर कर दिया है। नापजोख के लिए पहुंची महिला पटवारी और कानूनगो के साथ धक्का-मुक्की, दस्तावेज फाड़ने और धमकाने का मामला सामने आने के बाद एसडीएम ने कड़ी चेतावनी जारी की है। अधिकारियों को तुरंत तहरीर दर्ज कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, कंदला गांव में एक महिला की जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। इसी मामले में राजस्व टीम धारा 41 एनआर एक्ट के तहत नापजोख करने पहुंची थी। टीम में मौजूद महिला पटवारी पूनम और कानूनगो हरीश यादव जैसे ही मौके पर पहुंचे, वहां मौजूद एक परिवार ने नापजोख रुकवाने के इरादे से हंगामा करना शुरू कर दिया।
आरोप है कि विवादित पक्ष के सदस्यों ने महिला पटवारी के हाथ से फाइल छीनी और सरकारी दस्तावेज फाड़ डाले। यही नहीं, राजस्व कर्मचारियों के साथ अभद्रता और धक्का-मुक्की करते हुए जान से मारने की धमकी तक दी गई। लगातार बढ़ते तनाव के चलते नापजोख की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी और टीम को वहां से लौटना पड़ा।
घटना की गंभीरता को देखते हुए रामनगर के एसडीएम प्रमोद कुमार ने कहा कि सरकारी दस्तावेज नष्ट करना और सरकारी कार्य में बाधा डालना कानूनन गंभीर अपराध है। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी तत्काल पुलिस को दी गई है और संबंधित राजस्व अधिकारियों को तुरंत तहरीर देने का निर्देश दिया गया है, ताकि आरोपियों पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जा सके।
इस घटना के बाद राजस्व विभाग के कर्मचारियों में व्यापक नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि जमीन से जुड़े विवादित मामलों में लगातार बढ़ रही ऐसी घटनाओं से फील्ड में काम करना मुश्किल हो गया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि राजस्व टीमों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए, ताकि वे बिना दबाव और भय के अपना सरकारी कार्य कर सकें।
