नैनीताल। इस वर्ष आयोजित होने वाला युगमंच होली महोत्सव स्वर्गीय घनश्याम लाल साह को समर्पित रहेगा। समाजसेवी के रूप में उन्होंने शारदा संघ एवं युगमंच के साथ मिलकर बच्चों को निरंतर प्रेरित किया और नैनीताल में रचनात्मक गतिविधियों को सदैव प्रोत्साहन दिया। उनके योगदान को स्मरण करते हुए इस वर्ष का महोत्सव उन्हें श्रद्धांजलि स्वरूप अर्पित किया जाएगा।
युगमंच द्वारा पारंपरिक एवं राग-आधारित बैठकी होली की समृद्ध परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से शारदा संघ में बच्चों की विशेष कार्यशाला आयोजित की जा रही है। कार्यशाला में राग धमार की होली “वाके मन कछु और देखोरी, मोरे मुख पर डालो गुलाल सावरों”, राग काफी की “राधा किशन की जोड़ी, सखिन संग खेलत होली”, तथा राग बागेश्री की “अरि एरी मोसे खेलो ना होली” के साथ-साथ लोकप्रिय पारंपरिक होली “आज बृज में होली रे रसिया” का अभ्यास कराया जा रहा है।
युगमंच के अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त वरिष्ठ रंगकर्मी ज़हूर आलम के मार्गदर्शन में आयोजित इस महोत्सव में सरोवर नगरी के बहुआयामी संगीतकार नवीन बेगाना बच्चों को राग-आधारित होली गायन का प्रशिक्षण दे रहे हैं।
सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता के संदेश के साथ आयोजित इस होली महोत्सव में हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल पेश करते हुए दो दर्जन से अधिक बच्चे प्रतिभाग कर रहे हैं। यह आयोजन न केवल संगीत परंपरा को जीवित रखने का प्रयास है, बल्कि नई पीढ़ी को भारतीय शास्त्रीय एवं लोक संस्कृति से जोड़ने की सार्थक पहल भी है।
