हल्द्वानी: महिला दारोगा को कोतवाली में थप्पड़ मारने के मामले में पुलिस की विभागीय जांच आगे बढ़ने के साथ कई नए तथ्य सामने आ रहे हैं। जांच के दौरान पता चला है कि महिला दारोगा और एसओजी में तैनात सिपाही के बीच चौकी में तैनाती के दौरान भी कई बार मारपीट हो चुकी थी। उस समय हर बार मामला शांत हो जाने के कारण विवाद आगे नहीं बढ़ा, लेकिन इस बार कोतवाली में हुई घटना के बाद मामला अधिकारियों तक पहुंच गया है।
अब महिला दारोगा को चौकी प्रभारी पद से हटाने की तैयारी की जा रही है। वहीं, सिपाही के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई हो सकती है।
जानकारी के अनुसार, चार दिन पहले सुबह एक कोतवाली में महिला चौकी प्रभारी दारोगा और एसओजी में तैनात सिपाही के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। देखते ही देखते कहासुनी बढ़ गई और आरोप है कि सिपाही ने अन्य पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में महिला दारोगा को थप्पड़ मार दिया।
घटना के दौरान सिपाही पर महिला दारोगा की ओर पिस्टल तानने का आरोप भी लगा है। इस घटना के बाद पुलिस विभाग में मामला चर्चा का विषय बन गया और अधिकारियों ने इसकी जांच शुरू कराई।
विभागीय जांच के दौरान एक पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि महिला दारोगा और सिपाही के बीच चौकी में तैनाती के दौरान भी कई बार मारपीट हुई थी। हालांकि, हर बार दोनों के बीच मामला सुलझ जाने से विवाद आगे नहीं बढ़ा।
अब कोतवाली में हुई घटना के बाद दोनों के बीच पुराने विवाद भी जांच के दायरे में आ गए हैं। अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि पहले हुए विवादों की परिस्थितियां क्या थीं और मौजूदा घटना में किसकी क्या भूमिका रही।
मामले में महिला दारोगा को चौकी प्रभारी पद से हटाने की तैयारी है। वहीं, एसओजी सिपाही के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, अंतिम कार्रवाई विभागीय जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगी।
एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी ने बताया कि मामले की विभागीय जांच की जा रही है और जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस विभाग में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



