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उत्तराखंड: उत्तराखंड में बड़ी संख्या में ऐसे मतदाता मौजूद हैं जिनका नाम दो अलग-अलग मतदाता सूचियों में दर्ज है—एक गांव की सूची में और दूसरा शहर की सूची में। विशेषज्ञों के अनुसार, राज्य में SIR (Special Summary Revision) शुरू होते ही ऐसे लोगों पर कानूनी कार्रवाई की स्थिति बन सकती है।
यह स्पष्ट प्रावधान है कि मतदाता सूची के संबंध में गलत, अपूर्ण या मिथ्या जानकारी देना दंडनीय अपराध है। कानून के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति का नाम एक से अधिक विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूची में पाया जाता है, या वह दो स्थानों से SIR फॉर्म भरता है, तो उसके खिलाफ कानूनी मामला दर्ज किया जा सकता है। इस अपराध में एक साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
कानूनन सुरक्षित रहने के लिए व्यक्ति को किसी एक स्थान की मतदाता सूची से अपना नाम हटवाना आवश्यक है। इसके लिए चुनाव आयोग की वेबसाइट पर ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध है।
मतदाता फॉर्म-7 भरकर अपना पुराना नाम हटवा सकते हैं। सबमिट होने के बाद संबंधित विधानसभा क्षेत्र से नाम हटा दिया जाएगा।
फिलहाल उत्तराखंड में SIR की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, इसलिए मतदाता अभी यह प्रक्रिया आसानी से पूरी कर सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि SIR शुरू होने के बाद यदि किसी मतदाता का नाम दो जगह पाया गया या उसने दो स्थानों से फॉर्म भरा, तो कार्रवाई तय है।
