प्रतीकात्मक तस्वीर
हल्द्वानी: हल्द्वानी से भीमताल और कैंची धाम जाने वाले लोगों के लिए राहत की खबर है। लंबे समय से जाम की समस्या झेल रहे यात्रियों को अब इससे निजात मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के बाद रानीबाग बाईपास के निर्माण को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली है। इस बाईपास की लंबाई करीब साढ़े तीन किलोमीटर होगी और इसे लगभग 11 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा।
जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल ने बताया कि बाईपास के बनने से कैंची धाम जाने वाले श्रद्धालुओं और भीमताल की ओर आने वाले पर्यटकों को जाम से राहत मिलेगी।
अभी काठगोदाम से रानीबाग तक सड़क संकरी होने के कारण यहां अक्सर वाहन रेंगते नजर आते हैं। छुट्टी के दिनों और पर्यटन सीजन में हालात और ज्यादा बिगड़ जाते हैं, जब कुछ किलोमीटर का सफर तय करने में लंबा समय लग जाता है।
काठगोदाम से नैनीताल और भीमताल को जोड़ने वाला यह मार्ग काफी समय से परेशानी का कारण बना हुआ है। सड़क की चौड़ाई कम होने के चलते थोड़ी सी भी भीड़ बढ़ते ही जाम लग जाता है।
इसका असर रोजमर्रा की आवाजाही पर पड़ता है और स्थानीय लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बाहर से आने वाले सैलानी भी जाम में फंसकर परेशान हो जाते हैं।
प्रशासन का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे यातायात को देखते हुए बाईपास की जरूरत महसूस की जा रही थी। नई सड़क बनने से वाहनों का दबाव मुख्य मार्ग से हटेगा और ट्रैफिक सुचारु रहेगा।
इससे न सिर्फ समय की बचत होगी, बल्कि लोगों को सफर के दौरान होने वाली परेशानी से भी राहत मिलेगी। रानीबाग बाईपास बनने के बाद हल्द्वानी से भीमताल और कैंची धाम की यात्रा पहले से ज्यादा आसान हो सकेगी।
