हल्द्वानी: एक नशा मुक्ति केंद्र से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक किशोर के साथ कथित मारपीट और लापरवाही के आरोप लगे हैं। इस पूरे प्रकरण में पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देश पर मामले की जांच कराई गई और उसके बाद केंद्र की संचालिका के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, नैनीताल निवासी 17 वर्षीय शुभम अधिकारी को नशे की लत से छुटकारा दिलाने के लिए हल्द्वानी स्थित “संकल्प नशा मुक्ति समिति” में भर्ती कराया गया था। परिजनों का कहना है कि कुछ समय पहले तक शुभम की हालत सामान्य थी, लेकिन अचानक केंद्र की ओर से उसकी तबीयत बिगड़ने की सूचना दी गई। जब परिवार के लोग अस्पताल पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि शुभम की हालत बेहद गंभीर है और उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है।
डॉक्टरों की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि किशोर के किडनी और लीवर पर असर पड़ा है, जिससे मामला और भी गंभीर हो गया। परिजनों ने इस स्थिति को लेकर नशा मुक्ति केंद्र की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि वहां लापरवाही बरती गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि जिस नशा मुक्ति केंद्र में किशोर को रखा गया था, वह बिना वैध पंजीकरण के संचालित हो रहा था। इतना ही नहीं, नाबालिग को वहां नियमों के विरुद्ध रखकर उसका इलाज किया जा रहा था, जो कानूनन गलत है।
इन तथ्यों के सामने आने के बाद थाना मुखानी में एफआईआर संख्या 50/26 दर्ज की गई है और केंद्र की महिला संचालिका के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस अब पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किशोर की हालत बिगड़ने के पीछे किन परिस्थितियों ने भूमिका निभाई और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जा सके।
