बेटी के साथ नहर में कूदी महिला, पति समेत पांच लोगों पर मुकदमा
हरिद्वार: बहादराबाद थाना क्षेत्र के डीपीएस दौलतपुर के पास गंगनहर में एक वर्षीय बेटी के साथ लापता हुई विवाहिता के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। जिस घटना को पहले पति ने पत्नी के गंगनहर में कूदने की बात बताई थी, अब उसी मामले में मायके पक्ष ने पति और ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने महिला के भाई की तहरीर पर पति समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रविवार को अर्जुन पुत्र बालेश्वर, निवासी कोटा मुरादनगर, थाना कलियर ने पुलिस को बताया था कि वह अपनी पत्नी सरिता और दो बच्चों के साथ बाइक से बहादराबाद स्थित उसके मायके जा रहा था। रास्ते में किसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच कहासुनी हुई। अर्जुन का दावा था कि विवाद के बाद सरिता अपनी एक वर्षीय बेटी को गोद में लेकर गंगनहर में कूद गई। घटना के बाद पुलिस, जल पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और सर्च अभियान शुरू किया।
सोमवार को भी पूरे दिन गंगनहर में मां-बेटी की तलाश की गई, लेकिन देर शाम तक दोनों का कोई सुराग नहीं मिल सका। रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है।
इसी बीच मामले में नया मोड़ तब आया, जब महिला के मायके पक्ष ने पति और ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए। महिला के भाई भूपेंद्र कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसकी बहन सरिता की शादी 27 जून 2020 को अर्जुन के साथ हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही दहेज की मांग को लेकर पति अर्जुन, ससुर बालेश्वर, सास कलावती और ननद शीतल व बुलबुल लगातार उसका उत्पीड़न करते थे।
भूपेंद्र का आरोप है कि 11 जुलाई की रात सरिता ने फोन कर बताया था कि उसके साथ मारपीट की जा रही है और उसे तथा उसकी एक वर्षीय बेटी नैन्सी को जान से मारने की कोशिश की जा रही है। परिजनों ने उसे समझाया और अगले दिन घर आने की बात कही। आरोप है कि अगले दिन अर्जुन ने फोन कर बताया कि सरिता बेटी के साथ गंगनहर में गिर गई है। मायके पक्ष का कहना है कि सरिता और उसकी बेटी को जानबूझकर गंगनहर में धक्का दिया गया है।
बहादराबाद थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अमरजीत सिंह ने बताया कि महिला के भाई की तहरीर के आधार पर पति समेत पांच लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। साथ ही जल पुलिस और एसडीआरएफ की टीम गंगनहर में लापता मां-बेटी की तलाश में जुटी हुई है।
पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने और साक्ष्य सामने आने के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।
