मल्लिकार्जुन खरगे की रैली से पहले हल्द्वानी में बवाल
हल्द्वानी: कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की शनिवार को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में होने वाली जनसभा से पहले शहर में सियासी माहौल गरमा गया। रैली में आ रही कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बसों और वाहनों को पुलिस द्वारा रोके जाने के आरोप लगाते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य समेत कई कांग्रेस नेता एसएसपी कार्यालय पहुंच गए और धरने पर बैठ गए।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन अलग-अलग स्थानों पर रैली में शामिल होने हल्द्वानी आ रहे कार्यकर्ताओं की बसों को रोक रहा है। नेताओं ने इसे राजनीतिक दबाव में की जा रही कार्रवाई बताया।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बसें बेवजह रोकी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन को कानून-व्यवस्था बनाए रखने का काम करना चाहिए, लेकिन वह सरकार के एजेंट के रूप में काम कर रहा है।
हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश ने भी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने एसएसपी मंजूनाथ टीसी पर आरोप लगाया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा में आने वाले लोगों की गाड़ियों को जबरन रोका जा रहा है।
विधायक ने फेसबुक लाइव के माध्यम से कहा कि मंजूनाथ टीसी नैनीताल जिले के एसएसपी हैं, लेकिन उनका किरदार भाजपा जिलाध्यक्ष जैसा नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस की इस कार्यशैली के खिलाफ कांग्रेस आने वाले दिनों में आंदोलन करेगी।
रामलीला मैदान में होनी है खरगे की जनसभा
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे शनिवार को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में जनसभा को संबोधित करेंगे। कांग्रेस इस रैली को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण मान रही है। पार्टी का दावा है कि जनसभा में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक शामिल होंगे।
रैली से एक दिन पहले कांग्रेस नेताओं ने प्रेसवार्ता कर भाजपा सरकार पर बेरोजगारी, पेपर लीक, महंगाई और अन्य मुद्दों को लेकर हमला बोला था। अब रैली से ठीक पहले बसों को रोके जाने के आरोप ने सियासी माहौल को और गर्म कर दिया है।
खरगे की जनसभा को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने हल्द्वानी में यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किया है। अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले वाहनों के लिए पार्किंग और रूट की व्यवस्था की गई है। पुलिस का प्रयास है कि जनसभा के दौरान शहर में यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो।
हालांकि, कांग्रेस नेताओं के बसें और वाहन रोके जाने के आरोपों के बाद अब राजनीतिक टकराव की स्थिति बन गई है। शनिवार को होने वाली खरगे की जनसभा के दौरान कांग्रेस और पुलिस प्रशासन के बीच यह विवाद किस रूप में आगे बढ़ता है, इस पर नजर रहेगी।
