नैनीताल: शहर के लेकव्यू कॉटेज क्षेत्र में जंगल से लाई गई जंगली सब्जी को जरंग समझकर खाना एक परिवार के आठ सदस्यों को भारी पड़ गया। परिवार ने जिस सब्जी के पकौड़े बनाकर खाए, वह धतूरा निकला। पकौड़े खाने के कुछ देर बाद सभी की तबीयत बिगड़ने लगी और उन्हें जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। इनमें चार लोगों की हालत अधिक नशे के कारण गंभीर बताई जा रही है।
बीमार होने वालों में महेश चंद्र साह, कविता साह, विक्रम साह, सुंदर लाल साह, अनिल साह, अनंता ठुलघरिया, अक्षय कुमार और मनीषा शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार परिवार के सदस्य जंगल से एक जंगली सब्जी लेकर आए थे। उन्होंने उसे जरंग समझ लिया और उसके पकौड़े बनाकर खा लिए। पकौड़े खाने के कुछ समय बाद परिवार के सदस्यों को नशा महसूस होने लगा और उनकी तबीयत बिगड़ने लगी।
इसके बाद परिजन सभी को तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉ. सुनील कुमार ने मरीजों से पूछताछ की। इस दौरान उन्होंने बताया कि उन्होंने जरंग के पकौड़े खाए थे। जांच के बाद पता चला कि जिस पौधे का सेवन किया गया था, वह धतूरा था।
चिकित्सकों के अनुसार अस्पताल में भर्ती मरीजों में से छह की हालत फिलहाल स्थिर है। वहीं चार लोग अधिक नशे की स्थिति में हैं और उनका उपचार जारी है। डॉक्टरों की निगरानी में सभी मरीजों का इलाज किया जा रहा है।
चिकित्सकों ने लोगों से अपील की है कि जंगल से मिलने वाली किसी भी जंगली सब्जी या पौधे की सही पहचान किए बिना उसका सेवन न करें। धतूरा जहरीला और नशीला पौधा होता है। इसकी पहचान में गलती स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है।
फिलहाल अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों का उपचार जारी है और चिकित्सकों की टीम उनकी स्थिति पर नजर रख रही है।

