हल्द्वानी: नैनीताल जिले में गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सरकारी योजना के तहत दिए जाने वाले राशन की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। गेहूं और चावल की गुणवत्ता को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिला प्रशासन की टीम ने कमलुवागांजा और हल्द्वानी मंडी स्थित खाद्यान्न गोदामों पर अचानक छापेमारी की।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देश पर हुई कार्रवाई के दौरान टीम ने गोदामों में रखे खाद्यान्न के स्टॉक की जांच की। इसके साथ ही अलग-अलग स्थानों से चावल के नमूने भी लिए गए। जांच में हल्द्वानी मंडी स्थित राज्य भंडारण गोदाम से लिए गए चावल के दो सैंपल निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर फेल पाए गए।
सरकारी राशन की गुणवत्ता से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर उच्चस्तरीय जांच टीम गठित की गई थी। सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेई, एसडीएम मोनिका रानी और तहसीलदार की संयुक्त टीम पुलिस बल के साथ कमलुवागांजा और हल्द्वानी मंडी स्थित खाद्यान्न गोदामों में पहुंची।
अचानक हुई कार्रवाई से गोदामों में मौजूद कर्मचारियों और खाद्यान्न आपूर्ति से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया। टीम ने गोदामों में रखे गेहूं और चावल के स्टॉक का निरीक्षण किया। साथ ही दस्तावेजों में दर्ज स्टॉक का मौके पर उपलब्ध खाद्यान्न से मिलान किया गया।
जांच के दौरान अलग-अलग स्थानों से खाद्यान्न के नमूने लिए गए और मौके पर उनकी मीटर टेस्टिंग कराई गई। हल्द्वानी मंडी स्थित राज्य भंडारण गोदाम से लिए गए चावल के दो अलग-अलग नमूने निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिले।
दोनों सैंपल फेल होने के बाद प्रशासन ने खाद्यान्न की खरीद, भंडारण और आपूर्ति से जुड़े पूरे मामले की जांच तेज कर दी है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि निर्धारित गुणवत्ता से कम खाद्यान्न गोदाम तक कैसे पहुंचा और इसकी आपूर्ति की जिम्मेदारी किसकी थी।
प्रशासन यह भी जांच कर रहा है कि खाद्यान्न की गुणवत्ता की निगरानी में किसी स्तर पर लापरवाही तो नहीं बरती गई। सैंपल फेल होने के बाद संबंधित ठेकेदारों, सप्लायरों और अधिकारियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेई ने कहा कि गरीबों के हिस्से के राशन की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जांच में यदि किसी की लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन के मुताबिक जांच पूरी होने के बाद जिम्मेदारी तय की जाएगी। दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ एफआईआर समेत अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि सरकारी खाद्यान्न के भंडारण, आपूर्ति और वितरण की निगरानी आगे और सख्त की जाएगी, ताकि गरीब परिवारों को निर्धारित मानकों के अनुरूप राशन उपलब्ध कराया जा सके।

