हल्द्वानी: गोरापड़ाव में हथियारों के बल पर करीब आठ लाख रुपये, मोबाइल फोन और सोने के आभूषण लूटने के मामले में नैनीताल पुलिस ने चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से चार अवैध तमंचे, सात जिंदा कारतूस, 18 हजार रुपये और वारदात में इस्तेमाल क्रेटा व स्कॉर्पियो वाहन बरामद किए गए हैं।
इस मामले में पुलिस पहले ही दो आरोपियों वंशप्रीत सिंह उर्फ पन्नू और रखवीर सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब चार और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या छह हो गई है। पुलिस फरार अन्य आरोपियों की तलाश में भी जुटी हुई है।
पुलिस के अनुसार, 19 अगस्त 2026 की शाम डायल-112 के माध्यम से गोरापड़ाव क्षेत्र में 10 से 12 हथियारबंद लोगों द्वारा लूटपाट किए जाने की सूचना मिली थी।
वादी नारायण दास निवासी अंबा विहार, तीनपानी, हल्द्वानी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि केआईए शोरूम के पीछे स्थित उनके कार्यालय/गैरेज में हथियारबंद नकाबपोश बदमाशों ने डकैती डाली। आरोपियों ने वहां मौजूद लोगों से करीब आठ लाख रुपये, 12 मोबाइल फोन, तीन सोने की चेन और अंगूठी समेत अन्य सामान लूट लिया था।
तहरीर के आधार पर कोतवाली हल्द्वानी में एफआईआर संख्या 284/2026 के तहत बीएनएस की धारा 310(2) में 10 अज्ञात हथियारबंद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की विवेचना प्रभारी निरीक्षक विजय मेहता को सौंपी गई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी ने तत्काल करीब 50 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की विशेष टीम गठित की। टीम में एसपी क्राइम/ट्रैफिक डॉ. जगदीश चंद्र, एसपी हल्द्वानी मनोज कत्याल, अपर पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी हल्द्वानी अमित कुमार सैनी समेत विभिन्न थाना प्रभारी, एसओजी, साइबर टीम और क्राइम विशेषज्ञों को शामिल किया गया।
घटनास्थल की जांच के लिए बीडीएस, डॉग स्क्वायड और क्राइम सीन विशेषज्ञों की टीम भी लगाई गई। एसएसपी ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण किया और घटना के दौरान मौजूद लोगों से जानकारी लेने के साथ पुलिस टीमों को अलग-अलग टास्क दिए।
पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही सर्विलांस, सुरागरसी और पतारसी के जरिए आरोपियों की पहचान की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने 21 अगस्त को वंशप्रीत सिंह उर्फ पन्नू और रखवीर सिंह को गिरफ्तार किया था। दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इसके बाद अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को दूसरे राज्यों में भी भेजा गया।
पुलिस के अनुसार, कार्रवाई करते हुए यश सिडाना को 23 अगस्त को हल्द्वानी से, जबकि अमनदीप सिंह और शिवराज सिंह को 22 अगस्त को डीएनडी फ्लाईओवर, जैतपुर मोड़, नई दिल्ली से गिरफ्तार किया गया।
वहीं, चौथे आरोपी अफजल मलिक को 23 अगस्त को किच्छा से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने डकैती की वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार की है।
बरामदगी के आधार पर मुकदमे में बीएनएस की धारा 317(2) और आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 की बढ़ोतरी की गई है।
यश सिडाना के कब्जे से एक क्रेटा कार संख्या UK 06BE-9091, एक 315 बोर का तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए।
अमनदीप सिंह से एक स्कॉर्पियो कार संख्या DL1CA-1984, एक 315 बोर का तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
शिवराज सिंह के पास से एक 315 बोर का तमंचा और एक जिंदा कारतूस मिला।
वहीं अफजल मलिक से 18 हजार रुपये, एक 12 बोर का तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए।
पुलिस के अनुसार, आरोपी यश सिडाना के खिलाफ किच्छा थाने में वर्ष 2022 में मारपीट, गाली-गलौज और धमकी देने से संबंधित मुकदमा दर्ज है। अन्य आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि डकैती में कुल कितने लोग शामिल थे और लूटी गई रकम व अन्य सामान कहां है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी लगातार दबिश दी जा रही है।
डकैती कांड का जल्द खुलासा करने और आरोपियों को गिरफ्तार करने में शामिल पुलिस टीम का एसएसपी नैनीताल ने उत्साहवर्धन किया। पुलिस टीम को 2,500 रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
नैनीताल पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और लूटी गई शेष रकम व सामान की बरामदगी के लिए कार्रवाई जारी है।

