हल्द्वानी: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को राष्ट्रीय खेल दिवस कार्यक्रम के बाद हल्द्वानी के आईटीसी फॉर्च्यून में कुमाऊं मंडल के व्यापारियों, उद्योग प्रतिनिधियों और विभिन्न व्यापार मंडलों के पदाधिकारियों के साथ संवाद किया। इस दौरान व्यापारियों ने जीएसटी प्रक्रियाओं, मंडी शुल्क, अतिक्रमण, पार्किंग, लीज नवीनीकरण और औद्योगिक क्षेत्रों में सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं मुख्यमंत्री के सामने रखीं।
मुख्यमंत्री ने व्यापारियों और उद्योग प्रतिनिधियों की समस्याएं और सुझाव सुने। उन्होंने कहा कि सरकार व्यापारियों और उद्यमियों की समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापारी और उद्योग प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और रोजगार सृजन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
सीएम धामी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में उत्तराखंड में 29 हजार से अधिक नई एमएसएमई इकाइयां स्थापित हुई हैं। इन इकाइयों से करीब 1.27 लाख युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि शासन उद्योगों के लिए बाधा नहीं, बल्कि सहयोगी और भागीदार की भूमिका निभाए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को आसान बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। निवेशकों और उद्यमियों की समस्याओं के समाधान के लिए ‘निवेश मित्र’ व्यवस्था की गई है। वहीं सिंगल विंडो सिस्टम को भी मजबूत किया गया है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में 26 प्रमुख विभागों की 206 से अधिक सेवाएं सिंगल विंडो पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन उपलब्ध हैं।
संवाद के दौरान व्यापारियों ने जीएसटी से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाने, मंडी शुल्क, अतिक्रमण और पार्किंग की समस्या, लीज नवीनीकरण तथा औद्योगिक क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार का मुद्दा उठाया।
इसके अलावा स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के सुझाव भी मुख्यमंत्री के सामने रखे गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इन विषयों पर गंभीरता से काम कर रही है और व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
सीएम धामी ने कहा कि युवाओं को नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने के उद्देश्य से राज्य में उत्तराखंड स्टार्टअप नीति लागू की गई है। इसके साथ ही 200 करोड़ रुपये का वेंचर फंड भी स्थापित किया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि पर्वतीय क्षेत्रों का युवा अपने गांव में रहकर भी देश और दुनिया के बाजार के लिए कारोबार खड़ा कर सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास को केवल मैदानी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रखा जाएगा। चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए विशेष औद्योगिक पार्कों के लिए भूमि चिन्हित की गई है।
उन्होंने बताया कि छोटे उद्यमियों को आधुनिक सुविधाएं देने के लिए हरिद्वार में फ्लैटेड फैक्ट्री विकसित की जा रही है। भविष्य में सेलाकुई और पंतनगर में भी इस तरह की सुविधाएं विकसित करने की योजना है।
सीएम धामी ने कहा कि ‘वन डिस्ट्रिक्ट, टू प्रोडक्ट’ जैसी पहलों के जरिए स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक शिल्प को बड़े बाजारों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
सरकार का लक्ष्य है कि ‘मेड इन उत्तराखंड’ प्रदेश के उत्पादों की पहचान के साथ-साथ गुणवत्ता और भरोसे के आधार पर वैश्विक बाजार में मजबूत ब्रांड बने। उन्होंने कहा कि राज्य में फार्मा, हर्बल, आयुष, इंजीनियरिंग और ऑटो-कंपोनेंट जैसे क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों के रूप में विकसित हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने व्यापारियों और उद्योग प्रतिनिधियों से प्रदेश में निवेश और व्यापारिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “आप व्यापार बढ़ाइए, सरकार आपके साथ खड़ी है।”
उन्होंने कहा कि सरकार उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने ‘विकल्प रहित संकल्प’ के साथ आगे बढ़ रही है। व्यापार और उद्योग जगत के सहयोग से विकसित उत्तराखंड का संकल्प साकार होगा और राज्य विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम में सांसद अजय भट्ट, श्री राम सिंह कैड़ा, उत्तराखंड सरकार में दायित्वधारी नवीन लाल वर्मा, डॉ. अनिल कपूर ‘डब्बू’, श्री शंकर कोरंगा, श्री हुकुम सिंह कुंवर सहित व्यापार और उद्योग जगत के प्रतिनिधि मौजूद रहे। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी, मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडे समेत जीएसटी, उद्योग, सिडकुल और अन्य विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन अपर सचिव मनमोहन मैनाली ने किया।

