रूद्रप्रयाग: उत्तराखंड में बृहस्पतिवार को मौसम ने करवट ले ली है। पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी का दौर शुरू होने से ठंड बढ़ गई है। केदारनाथ धाम और गंगोत्री में बर्फबारी हुई है, जबकि मसूरी में सुबह से हो रही बारिश ने मौसम को ठंडा कर दिया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश के नौ जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई है। वहीं, 10 जिलों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, चमोली, चंपावत और पिथौरागढ़ में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। 3500 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना है। प्रदेश के अन्य जिलों में भी कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है।
देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, चमोली, नैनीताल, चंपावत और पिथौरागढ़ में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर हवा की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।
राजधानी देहरादून में आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है। शहर में बहुत हल्की से हल्की वर्षा, गरज-चमक और तेज झोंकेदार हवाओं के एक-दो दौर आने की संभावना है। अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री और न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
पिछले 24 घंटों में देहरादून का अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से तीन डिग्री अधिक था। न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस रहा। पंतनगर, मुक्तेश्वर और नई टिहरी में भी अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया। इस दौरान इन स्थानों पर कोई महत्वपूर्ण वर्षा रिकॉर्ड नहीं की गई।
केदारनाथ धाम में बृहस्पतिवार सुबह बर्फबारी हुई, जिसके बाद बाबा केदार की नगरी बर्फ की सफेद चादर में लिपटी नजर आई। बर्फ से ढके धाम का खूबसूरत नजारा देखकर श्रद्धालु उत्साहित दिखाई दिए। कई श्रद्धालु इस दृश्य को अपने कैमरों में कैद करते और सेल्फी लेते नजर आए। हालांकि, बर्फबारी के साथ ही धाम में ठंड भी बढ़ गई है।
रुद्रप्रयाग जिले के निचले इलाकों में भी मौसम का मिजाज बदला रहा। जिला मुख्यालय सहित ऊखीमठ, गुप्तकाशी, जखोली और बसुकेदार क्षेत्र में सुबह से बादल छाए रहे और हल्की बारिश हुई। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए 11 नवंबर को बंद होने हैं। कपाट बंद होने की तारीख नजदीक आने के साथ ही दर्शन के लिए श्रद्धालु लगातार पहुंच रहे हैं। यात्रा सीजन में अब तक 18,53,032 श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। बुधवार को धाम में 8,376 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।
गंगोत्री धाम में भी बर्फबारी शुरू हो गई है। बर्फ गिरने से धाम और आसपास के पहाड़ी इलाकों में ठंड बढ़ गई है। बर्फ से ढके पहाड़ों का नजारा आकर्षक हो गया है।
वहीं, मसूरी में बृहस्पतिवार सुबह से हो रही बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई है। बारिश का असर शहर की सड़कों और पर्यटन गतिविधियों पर भी दिखाई दिया। ठंड बढ़ने के चलते स्थानीय लोगों और पर्यटकों की आवाजाही कम रही। कई पर्यटक मौसम साफ होने का इंतजार करते हुए होटलों में ही रुके रहे।
मौसम में आए इस बदलाव के बीच पहाड़ी क्षेत्रों में जाने वाले यात्रियों और श्रद्धालुओं को सलाह है कि वे निकलने से पहले स्थानीय मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी ले लें। गरज-चमक और तेज हवाओं के दौरान खुले स्थानों तथा पेड़ों के नीचे रुकने से बचें।



