उत्तराखंड हाईकोर्ट(नैनीताल हाईकोर्ट)
नैनीताल: उत्तराखंड हाईकोर्ट में आज जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव को लेकर हुई गड़बड़ियों पर बड़ी सुनवाई हुई। अदालत ने इस मामले को बेहद गंभीर माना और जिलाधिकारी नैनीताल व एसएसपी को एफिडेविट दाखिल करने का आदेश दिया। कोर्ट ने साफ कहा कि मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे में क्या हुआ और उसके बाद क्या कार्रवाई हुई, इसकी पूरी जानकारी लिखित रूप में दी जाए।
मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंदर ने सुनवाई के दौरान पुलिस और प्रशासन पर सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि आरोपी तलवारों के साथ घूम रहे थे और पुलिस को खबर तक नहीं थी। यह कानून-व्यवस्था की बड़ी नाकामी है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर एसएसपी अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम साबित हुए तो उनका तबादला कर दिया जाएगा। अदालत ने पांचों सदस्यों की कॉल डिटेल भी पेश करने को कहा।
याचिकाकर्ता की ओर से आरोप लगाए गए कि हल्द्वानी के आईटीआई गैंग से जुड़े लोग मतदान स्थल पर पहुंचे और चुनाव प्रक्रिया में बाधा डाली। यहां तक कि रात तीन बजे बिना प्रत्याशियों की मौजूदगी के मतगणना कर दी गई। अदालत में चलाए गए वीडियो में करीब 13 लोग नजर आए, जो अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहे थे और कह रहे थे कि उन्होंने उत्तराखंड को बिहार बना दिया है।
सरकारी पक्ष का कहना है कि मतदान केंद्र के अंदर कोई गड़बड़ी नहीं हुई, सारी हलचल बाहर हुई थी। सभी आरोपियों की पहचान हो चुकी है और उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा ने कहा कि वायरल वीडियो मतदान वाले दिन का नहीं है, फिर भी सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
वरिष्ठ अधिवक्ता देवीदत्त कामथ ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताते हुए मांग की कि चुनाव को दोबारा कराया जाए। वहीं जिलाधिकारी ने कहा कि मतगणना नियमों के अनुसार कैमरों की निगरानी में हुई और सभी प्रत्याशियों को इसकी सूचना दी गई थी।
अब इस मामले पर अगली सुनवाई कल, 19 अगस्त को होगी।
