नैनीताल: जिले में निजी स्कूलों की मनमानी पर अब प्रशासन सख्त हो गया है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने फीस, किताबों और अन्य व्यवस्थाओं में अनियमितताओं को लेकर बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है। पहले चरण में हल्द्वानी, लालकुआं, रामनगर और भीमताल के 17 स्कूलों को नोटिस दिए गए थे, जिसके बाद अब कई अन्य स्कूल भी जांच के दायरे में आ गए हैं।
मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद राम जायसवाल ने बताया कि जनसुनवाई और मिली शिकायतों के आधार पर कई स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें रामनगर, हल्द्वानी और भवाली के कई नामी स्कूल शामिल हैं। जांच में सामने आया है कि कुछ स्कूल एनसीईआरटी की किताबों के बजाय महंगी निजी प्रकाशकों की किताबें अनिवार्य कर रहे हैं, जिससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
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इसके अलावा कुछ स्कूलों पर यह भी आरोप है कि वे अभिभावकों को तय दुकानों से ही किताबें और अन्य सामग्री खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं। वहीं कई स्कूलों की वेबसाइट पर फीस और बुक लिस्ट जैसी जरूरी जानकारी भी उपलब्ध नहीं कराई गई है, जो नियमों का उल्लंघन है।
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शिक्षा विभाग ने सभी संबंधित स्कूलों को 15 दिन के भीतर बुक लिस्ट में बदलाव करने, एनसीईआरटी किताबों को प्राथमिकता देने और अनावश्यक महंगी किताबें हटाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही वेबसाइट पर फीस और अन्य जानकारी सार्वजनिक करने को कहा गया है। अभिभावकों से वसूली गई अतिरिक्त रकम को लौटाने या समायोजित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
प्रशासन ने मामले की जांच के लिए ब्लॉक स्तर पर संयुक्त टीमों का गठन किया है, जो तय समय में रिपोर्ट सौंपेंगी। चेतावनी दी गई है कि आदेशों का पालन नहीं करने वाले स्कूलों के खिलाफ मान्यता रद्द करने, जुर्माना लगाने और सीबीएसई को कार्रवाई के लिए प्रस्ताव भेजने जैसे कड़े कदम उठाए जाएंगे।
