नैनीताल:
प्रशासन के अनुसार इन सभी आरोपियों का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है और इनके खिलाफ जनपद के अलग-अलग थानों में आबकारी एक्ट, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, चोरी, मारपीट, हत्या के प्रयास, धोखाधड़ी और जुआ अधिनियम समेत कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।
जिला बदर किए गए आरोपियों में सुंदर बिष्ट उर्फ देवा शामिल है, जिसके खिलाफ आबकारी, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस के तहत छह मुकदमे दर्ज हैं। वहीं सूरज आर्य पर चोरी और बीएनएस की धाराओं में चार मामले दर्ज बताए गए हैं।
इसके अलावा आनंद डसीला पर हत्या के प्रयास, धमकी, मारपीट और धोखाधड़ी के पांच मुकदमे दर्ज हैं। बाबूराम के खिलाफ एक्साइज एक्ट के छह मुकदमे दर्ज बताए गए हैं।
प्रशासन की सूची में जुबैर का नाम भी शामिल है, जो चोरी और एनडीपीएस मामलों में आरोपित है। वहीं कुणाल सोनकर पर मारपीट, बलवा और जुआ अधिनियम के तहत कई मुकदमे दर्ज हैं। रिजवान उर्फ मंत्री भी एनडीपीएस एक्ट के मामलों में शामिल पाया गया है।
जिलाधिकारी ने सभी आरोपियों की गतिविधियों को जनहित और कानून व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा मानते हुए तत्काल प्रभाव से उन्हें छह माह के लिए नैनीताल जनपद की सीमा से बाहर रहने के आदेश जारी किए हैं।
प्रशासन ने साफ किया है कि जिला बदर की अवधि के दौरान यदि कोई भी आरोपी जनपद की सीमा में प्रवेश करता है या आदेश का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने कहा कि जनपद में अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
