नैनीताल: लगातार हो रही भारी बारिश ने नैनीताल जिले में जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र की ओर से गुरुवार सुबह 9:30 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटों में जिले में औसतन 86.3 मिमी बारिश दर्ज की गई है। लगातार बारिश के चलते जिले की 23 सड़कें बंद हो गई हैं, जिनमें 5 राज्य मार्ग और 18 ग्रामीण सड़कें शामिल हैं। कई क्षेत्रों का संपर्क प्रभावित होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो भीमताल में सबसे अधिक 124.4 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके बाद नैनीताल में 119 मिमी, बेतालघाट में 118.5 मिमी, मुक्तेश्वर में 96.2 मिमी, धारी (ओखलकांडा) में 80 मिमी, हल्द्वानी में 72 मिमी, कालाढूंगी में 46 मिमी और रामनगर में 44 मिमी बारिश दर्ज की गई।
लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर पहाड़ियों से मलबा और पत्थर गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। इससे कई सड़कें बंद हो गई हैं। जिला प्रशासन के अनुसार लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई, राष्ट्रीय राजमार्ग और अन्य संबंधित विभागों की टीमें मौके पर तैनात हैं। जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से मलबा हटाकर रास्ते खोलने का काम लगातार जारी है।
प्रशासन ने बताया कि फिलहाल गोला, कोसी और नंधौर नदियों का जलस्तर चेतावनी स्तर से नीचे है, लेकिन लगातार हो रही बारिश को देखते हुए सभी नदियों और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है। वहीं नौकुचियाताल और हैड़ाखान क्षेत्र में बिजली आपूर्ति आंशिक रूप से प्रभावित हुई है। बिजली विभाग की टीमें आपूर्ति बहाल करने में जुटी हुई हैं।
आपदा रिपोर्ट के मुताबिक बारिश से जुड़ी घटनाओं में दो लोगों के घायल होने और एक पशु की मौत की सूचना मिली है। राहत की बात यह है कि अभी तक किसी आवासीय भवन के गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त होने की सूचना नहीं है।
लगातार बारिश के बीच नैनीताल के सात नंबर क्षेत्र स्थित बोरा प्वाइंट के पास गुरुवार को फिर भारी भूस्खलन हुआ। पहाड़ी से बड़े-बड़े पत्थर और भारी मात्रा में मलबा नीचे सड़क तक पहुंच गया, जिससे आसपास रहने वाले लोगों में दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द सुरक्षा कार्य नहीं कराया गया तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि इसी स्थान पर पिछले वर्ष भी भूस्खलन हुआ था। उस समय भी स्थायी सुरक्षा उपाय नहीं किए गए, जिसके कारण इस बार दोबारा पहाड़ी दरकने लगी है। लगातार बारिश से पहाड़ी और कमजोर हो गई है तथा आसपास के मकानों पर खतरा मंडरा रहा है।
