आरोपी धनंजय गिरी गिरफ्तार
ऊधमसिंह नगर : करीब 25 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में पुनर्गठित एसआईटी ने मुख्य आरोपी धनंजय गिरी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में अब तक 9 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं, जबकि कई अन्य पीड़ित भी लगातार सामने आ रहे हैं।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी योजनाबद्ध तरीके से लोगों को जमीन और निवेश के नाम पर अपने जाल में फंसाकर ठगी कर रहे थे। यह पूरा नेटवर्क संगठित सिंडिकेट की तरह काम कर रहा था और अवैध आर्थिक लाभ कमाने के लिए कई लोगों को निशाना बनाया गया।
.
इस मामले से जुड़ी शिकायतें वर्ष 2018 से सामने आ रही थीं। अब तक कुल 9 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं, जबकि 15 से 20 अन्य शिकायतें भी पुलिस के पास पहुंची हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पहले नवंबर 2025 में एक एसआईटी गठित की गई थी, लेकिन जांच में अपेक्षित प्रगति न होने पर रिद्धिम अग्रवाल ने पुरानी एसआईटी को भंग कर दिया।
इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति की निगरानी में नई एसआईटी का गठन किया गया। पुलिस अधीक्षक अपराध एवं यातायात जितेंद्र चौधरी के नेतृत्व में गठित टीम ने आरोपियों की तलाश में अभियान चलाया और आखिरकार 21 मई को मुख्य आरोपी धनंजय गिरी को गिरफ्तार कर लिया।
.
पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश भी तेजी से की जा रही है। साथ ही अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों को चिन्हित कर जब्ती की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की संगठित अपराध से जुड़ी धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।
इसके अलावा पुलिस ने अवैध संपत्तियों की खरीद-फरोख्त रोकने के लिए जिला प्रशासन को भी पत्र भेजा है, ताकि संबंधित संपत्तियों के हस्तांतरण पर रोक लगाई जा सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत जब्त संपत्तियों को पीड़ितों के हित में इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे उनकी आर्थिक क्षति की भरपाई की जा सके।
