उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण.
नैनीताल: उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के पहले चरण के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी है। सूची के अनुसार प्रदेश में कुल 71 लाख 33 हजार 785 मतदाता हैं। इनमें से 19 लाख 4 हजार 380 मतदाताओं के गणना फॉर्म में विभिन्न प्रकार की त्रुटियां पाई गई हैं। ऐसे सभी मतदाताओं को निर्वाचन आयोग की ओर से नोटिस जारी किया जाएगा।
नैनीताल जिले की बात करें तो यहां 6 लाख 93 हजार 325 मतदाता ड्राफ्ट सूची में शामिल हैं। इनमें से 1 लाख 88 हजार 54 मतदाताओं के फॉर्म में विसंगतियां मिली हैं। यानी जिले के बड़ी संख्या में मतदाताओं को अपनी जानकारी का सत्यापन कराना होगा।
निर्वाचन विभाग के अनुसार जिन मतदाताओं को नोटिस मिलेगा, उनकी सुनवाई के लिए न्याय पंचायत स्तर पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे। शहरी क्षेत्रों में तहसील, नगर निगम, नगर पालिका और वार्ड स्तर पर भी कैंप आयोजित किए जाएंगे, जहां संबंधित दस्तावेज जमा कर त्रुटियों का निस्तारण कराया जा सकेगा।
निर्वाचन आयोग के मुताबिक फॉर्म में आठ तरह की प्रमुख विसंगतियां सामने आई हैं। इनमें माता-पिता और मतदाता की उम्र में असामान्य अंतर, भाई-बहनों की उम्र में नौ महीने से कम का अंतर, एक ही अभिभावक के साथ छह से अधिक मतदाताओं का दर्ज होना, नाम या रिश्तेदारी से जुड़ी गलतियां और पिछली मतदाता सूची से रिकॉर्ड का सही तरीके से मैप न होना शामिल है।
आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 16 जुलाई तक नोटिस की बूथवार सूची तैयार होगी, 20 जुलाई तक उसकी प्रिंटिंग की जाएगी, जबकि 25 जुलाई से 17 अगस्त के बीच नोटिस वितरित किए जाएंगे। इसके बाद 24 अगस्त तक सुनवाई और 31 अगस्त तक सभी मामलों का निस्तारण किया जाएगा।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने कहा कि जिन मतदाताओं को नोटिस मिलेगा, उन्हें निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत कर अपनी जानकारी का सत्यापन कराना होगा। यदि किसी मतदाता को नोटिस नहीं मिलता है तो इसका अर्थ है कि उसकी जानकारी फिलहाल सही पाई गई है।
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि नोटिस मिलने के बाद मतदाता जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, शैक्षिक प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर या अन्य मान्य सरकारी दस्तावेज प्रस्तुत कर अपनी जानकारी सही साबित कर सकेंगे।

