उत्तराखंड हाईकोर्ट
नैनीताल: उत्तराखंड हाईकोर्ट को नैनीताल से हल्द्वानी के गौलापार स्थानांतरित करने की दिशा में बड़ा फैसला सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि गौलापार में प्रस्तावित हाईकोर्ट परिसर के लिए चिन्हित 26 हेस्टेयर भूमि को छह सप्ताह यानी 42 दिनों के भीतर हर हाल में सम्बन्धित विभाग को हस्तांतरित किया जाए।
बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि हाई कोर्ट के नए परिसर के निर्माण में अब किसी भी तरह की अनावश्यक देरी स्वीकार्य नही होगी। अदालत ने राज्य सरकार को भूमि से जुड़ी सभी प्रशासनिक और कानूनी औपचारिकताएं तय सीमा के भीतर पूरी करने के निर्देश जारी किये है।
उत्तराखंड हाई कोर्ट को नैनीताल से हल्द्वानी स्थानतरित करने की योजना पर लम्बे समय से कोशिश की जा रही है। इसका मुख्य कारण यह है कि नैनीताल एक पहाड़ी पर्यटन नगरी है और यहाँ ट्रैफिक,पार्किंग और अन्य व्यवस्थाओं पर लगातार दबाव बना रहता है। ऐसे में हाई कोर्ट के स्थानांतरण से शहर को सभी परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद है।
वहीं, हल्द्वानी का गौलापार क्षेत्र विस्तृत और मैदानी होने के कारण यहाँ आधुनिक न्यायिक परिसर विकसित करने की योजना बनायीं है। इस नए परिसर में आधुनिक डिजिटल सुविधायें, आधारभूत ढांचा, पर्याप्त पार्किंग और अन्य सभी जरूरते उपलपध कराई जाएगी। जिस न्यायिक कार्यों के संचालन में भी सुविधा होगी।
