नैनीताल: श्री नंदा देवी महोत्सव 2026 के आयोजन को लेकर प्रशासन और श्री राम सेवक सभा ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मंगलवार को श्री राम सेवक सभा भवन में उप जिलाधिकारी नवाजिश खालिक ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर महोत्सव की व्यवस्थाओं की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक की अध्यक्षता मनोज साह ने की, जबकि संचालन प्रो. ललित तिवारी ने किया। सभा के पूर्व अध्यक्ष मुकेश जोशी ने सभी अतिथियों और अधिकारियों का स्वागत किया। महासचिव जगदीश बावरी ने महोत्सव के कार्यक्रमों और तैयारियों की रूपरेखा बैठक में रखी।
उप जिलाधिकारी नवाजिश खालिक ने बताया कि इस वर्ष आयोजित होने वाला 124वां श्री नंदा देवी महोत्सव ‘संस्कार, संस्कृति एवं समृद्ध विरासत’ की थीम पर केंद्रित रहेगा। महोत्सव के माध्यम से कुमाऊं की लोक संस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि महोत्सव को व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। अधिकारियों को अपने-अपने विभाग से जुड़ी तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए।
महोत्सव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष तैयारी की जाएगी। एसडीएम ने बताया कि आयोजन स्थल पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। इसके अलावा भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखने के लिए सादी वर्दी में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती भी की जाएगी।
महोत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा को देखते हुए प्रवेश, आवागमन और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था को भी बेहतर बनाने पर चर्चा की गई।
बैठक में मेला स्थल पर दुकानों की उचित व्यवस्था, मैदान को समतल करने और साफ-सफाई की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही हिल जात्रा को महोत्सव में प्रदर्शित किए जाने को लेकर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी व्यवस्थाएं समय रहते पूरी कर ली जाएं, ताकि आयोजन के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
महोत्सव की गतिविधियों का सीधा प्रसारण किए जाने की व्यवस्था पर भी चर्चा की गई, जिससे देश-विदेश में मौजूद लोग भी इस सांस्कृतिक आयोजन से जुड़ सकें।
श्री नंदा देवी महोत्सव का आयोजन 16 सितंबर से 23 सितंबर 2026 तक किया जाएगा। बैठक में महोत्सव के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों, सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित विभागों के बीच समन्वय पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक के दौरान महिलाओं से महोत्सव में कुमाऊंनी पारंपरिक परिधान पहनकर आने की अपील की गई। साथ ही सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सोने के आभूषणों का कम से कम इस्तेमाल करने का अनुरोध किया गया।
बैठक में ईओ रोहितास शर्मा और सीओ अंजना नेगी ने भी अपने विचार रखे। अधिकारियों और आयोजन समिति के सदस्यों ने महोत्सव के दौरान त्वरित कार्रवाई और विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया।
बैठक में उत्तराखंड की सांस्कृतिक परंपराओं और विरासत के संरक्षण में युवाओं की भूमिका को लेकर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि नई पीढ़ी को अपनी लोक संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना जरूरी है, ताकि सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाया जा सके।
बैठक में रंजीत नेगी, कीर्ति आर्य, गिरिजा जोशी, एसएम गुरुरानी, दिनेश जोशी, पंकज कुमार, अनिल कुमार, संजय कुमार, दीपक शर्मा, भास्कर जोशी, देवेंद्र सिंह नेगी, आरएस रावत, एएस रावत, देवेंद्र लाल साह, अंशुल ओझा, प्रियंक पांडे, अशोक साह, विमल चौधरी, ललित साह, राजेंद्र लाल साह, कमलेश ढौंडियाल, भुवन बिष्ट, भीम सिंह कार्की, मोहित लाल साह, हरीश राणा, प्रदीप जेठी और दिनेश भट्ट सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

