देहरादून: रक्षाबंधन और जन्माष्टमी जैसे त्योहारों से पहले आम लोगों को महंगाई का झटका लगा है। मिठाई बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के बाद देहरादून में मिठाई विक्रेताओं ने बिक्री दरों में 10 फीसदी तक बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। देहरादून मिठाई एसोसिएशन की अगस्त 2026 की मूल्य सूची में चीनी, घी, मेवा, दूध और अन्य जरूरी सामग्री के दाम पिछले साल की तुलना में बढ़े हैं।
मिठाई कारोबारियों के मुताबिक बढ़ती लागत का असर अब सीधे मिठाइयों की कीमतों पर पड़ रहा है। एसोसिएशन से जुड़े करीब 120 मिठाई विक्रेताओं की बैठक के बाद मिठाइयों के दाम में 10 फीसदी बढ़ोतरी का निर्णय लिया गया है। यह बढ़ोतरी फिलहाल दिवाली तक लागू रहने की बात कही गई है।
मिठाई बनाने में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली चीनी की कीमत में एक साल में बड़ा उछाल आया है। हलवाई समिति के अनुसार अगस्त 2025 में चीनी करीब 44 रुपये प्रति किलो बिक रही थी, जो अगस्त 2026 में बढ़कर 70 रुपये प्रति किलो हो गई है।
यानी एक साल में चीनी की कीमत में करीब 59 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। कारोबारियों का कहना है कि चीनी के बढ़ते दाम का सीधा असर मिठाइयों की उत्पादन लागत पर पड़ रहा है।
मेवा की कीमतों में भी तेजी ने मिठाई कारोबारियों की लागत बढ़ा दी है। देहरादून में काजू की कीमत 800 रुपये से बढ़कर 1040 रुपये प्रति किलो और बादाम गिरी की कीमत 670 से बढ़कर 1050 रुपये प्रति किलो हो गई है।
सबसे ज्यादा तेजी पिस्ते की कीमत में दर्ज की गई है। अगस्त 2025 में 1950 रुपये प्रति किलो बिकने वाला पिस्ता अब 4500 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है। इस तरह इसकी कीमत में एक साल में 130 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। इसका असर पिस्ता और मेवा आधारित मिठाइयों की लागत पर भी पड़ने की संभावना है।
मिठाई बनाने में इस्तेमाल होने वाला देसी घी 620 से बढ़कर 720 रुपये प्रति किलो हो गया है। वहीं वनस्पति घी यानी डालडा की कीमत 140 से बढ़कर 170 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है।
इसी तरह बेसन 80 से बढ़कर 85 रुपये, आटा 32 से बढ़कर 35 रुपये और दूध 63 से बढ़कर 68 रुपये प्रति किलो हो गया है। छोटी इलायची, लाल मिर्च और चांदी के वर्क की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
हालांकि कारोबारियों का कहना है कि कच्चे माल की कीमत में हुई हर बढ़ोतरी का पूरा भार ग्राहकों पर डालना जरूरी नहीं है। कुछ लागत विक्रेता स्वयं वहन करेंगे, जबकि कुछ हिस्सा ग्राहकों से वसूला जाएगा।
मिठाई एसोसिएशन देहरादून के अध्यक्ष आनंद गुप्ता ने बताया कि चीनी और अन्य कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी से मिठाई कारोबारियों की लागत बढ़ गई है। इसी को देखते हुए एसोसिएशन से जुड़े करीब 120 मिठाई विक्रेताओं के साथ बैठक कर 10 फीसदी कीमत बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने बताया कि यह बढ़ोतरी दिवाली तक लागू रहेगी। यदि इस दौरान कच्चे माल की कीमतों में और वृद्धि होती है तो दिवाली के आसपास मिठाइयों के दाम में दोबारा बढ़ोतरी पर निर्णय लिया जा सकता है।
उधर, त्योहारी सीजन को देखते हुए जिला प्रशासन ने भी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर निगरानी बढ़ा दी है। देहरादून जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर उप जिलाधिकारी सदर अपूर्वा सिंह के नेतृत्व में जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में खाद्य प्रतिष्ठानों, मिठाई की दुकानों, डेयरी, कैंटीन और रेस्टोरेंट का निरीक्षण कर रही हैं।
टीमों की ओर से विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर उन्हें नियमानुसार जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि त्योहारी सीजन में मिलावट और घटिया गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

