हल्द्वानी: हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कथित शुद्धीकरण के मामले को लेकर उत्तराखंड की सियासत गरमा गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मामले को लेकर भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मौजूदा लड़ाई संविधान और BJP-RSS की विचारधारा के बीच है और शुद्धीकरण की घटना उनकी मानसिकता को दर्शाती है।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि BJP-RSS नहीं चाहते कि देश के दलित आगे बढ़ें, सफल हों और सम्मान के साथ जीवन जिएं। उनके इस बयान के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस पर पलटवार किया।
मुख्यमंत्री धामी ने कांग्रेस पर शुद्धीकरण के मामले को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास अब कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए इस मामले को तूल देकर तुष्टिकरण की राजनीति की जा रही है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस के कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर धर्म विरोधी नारे लगाए गए थे। उन्होंने दावा किया कि कार्यक्रम के दौरान धर्म विशेष के नारे भी लगे और मैदान में काफी गंदगी हुई।
सीएम धामी ने कहा कि रामलीला मैदान धार्मिक आयोजन का स्थान है। उनके अनुसार, इसी वजह से एक स्वयंसेवी संस्था से जुड़े लोगों ने वहां शुद्धीकरण किया।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि शुद्धीकरण करने वाली संस्था का भाजपा से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सभी को आत्मसात करने वाला राज्य है और यहां जाति या राजनीतिक दल के आधार पर भेदभाव की मानसिकता नहीं है।
खड़गे के कथित अपमान के मुद्दे पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड के लोगों को यह भी पता नहीं है कि खड़गे किस जाति से हैं। ऐसे में किसी के जातिगत अपमान का सवाल ही नहीं उठता।
मुख्यमंत्री धामी ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि उनकी पार्टी का संकल्प था कि प्रदेश में यूजीसी लागू हो, लेकिन इसके लागू होने के बाद कांग्रेस इसका विरोध कर रही है।
उन्होंने कहा कि धर्मांतरण कानून और दंगा नियंत्रण कानून समेत सरकार की ओर से किए जा रहे कई कार्यों को लेकर कांग्रेस लगातार सवाल उठा रही है। धामी ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा अवैध अतिक्रमण हटाए जाने और गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने पर भी कांग्रेस को परेशानी होती है।
सीएम धामी ने कहा कि सरकार की कार्रवाई उत्तराखंड और प्रदेश की जनता के हित में है। उन्होंने कहा कि वह उत्तराखंड के बच्चों को ऐसा प्रदेश नहीं देना चाहते, जहां वे खुद को असुरक्षित महसूस करें।
हल्द्वानी के शुद्धीकरण मामले को लेकर दोनों पक्षों के बयानों के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है। जहां राहुल गांधी ने इसे जातिगत भेदभाव और विचारधारा से जोड़कर सवाल उठाए हैं, वहीं मुख्यमंत्री धामी ने इसे कांग्रेस की तुष्टिकरण की राजनीति बताया है।

