हल्द्वानी: शुद्धिकरण मामले को लेकर चल रहे विवाद के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के पास ऐसा कोई तथ्य या प्रमाण नहीं है, जिससे यह साबित हो कि हल्द्वानी में किसी व्यक्ति को अपमानित करने के उद्देश्य से शुद्धिकरण कराया गया था।
सीएम धामी ने आरोप लगाया कि इस संवेदनशील मामले को राजनीतिक रंग देकर समाज में भ्रम और विभाजन की स्थिति पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कांग्रेस से अपील की कि वह राजनीतिक लाभ के लिए ऐसे मामलों को तूल देने के बजाय तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर अपनी बात रखे।
खास बात यह है कि शुद्धिकरण मामले में एक दिन पहले ही अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके अगले दिन मुख्यमंत्री धामी ने इस विवाद पर कांग्रेस की भूमिका को लेकर सवाल उठाए हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री का बयान राजनीतिक तौर पर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संवेदनशील विषयों को लेकर राजनीति करने के बजाय कांग्रेस को समाज को जोड़ने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं तो उनके समर्थन में तथ्य और प्रमाण भी सामने रखे जाने चाहिए।
हल्द्वानी में शुद्धिकरण यज्ञ को लेकर विवाद सामने आने के बाद से ही राजनीतिक बयानबाजी तेज है। कांग्रेस की ओर से इसे अपमान और सामाजिक विभाजन से जोड़कर सवाल उठाए गए हैं। वहीं मुख्यमंत्री धामी ने इन आरोपों पर ठोस तथ्य और प्रमाण सामने रखने की बात कही है। अब मामले में FIR दर्ज होने के बाद पुलिस जांच भी शुरू हो गई है। जांच में शुद्धिकरण यज्ञ के पीछे की वास्तविक वजह और पूरे घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों को लेकर तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।
हल्द्वानी शुद्धिकरण मामले में कांग्रेस कार्यकर्ता अंजू की शिकायत पर हल्द्वानी कोतवाली में FIR दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार मामले में BNS की धारा 196 और 299 के साथ SC/ST एक्ट की धारा 3(1)(R) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। नैनीताल के SSP मंजूनाथ TC ने मामले की जांच SP क्राइम जगदीश चंद्र को सौंपी है।
SSP के मुताबिक पुलिस को पूरे उत्तराखंड से करीब 80 शिकायतें और याचिकाएं मिली थीं। इनमें नैनीताल जिले से 19 शिकायतें शामिल थीं, जिनमें इस मामले में FIR दर्ज करने की मांग की गई थी। SSP ने बताया कि शिकायतों की कानूनी जांच के बाद अंजू की शिकायत पर हल्द्वानी कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस के अनुसार अंजू ही इस मामले में शिकायत करने वाली पहली व्यक्ति थीं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

