पिथौरागढ़: मड़ेगांव निवासी पूनम जोशी के परिवार पर एक के बाद एक दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। करीब छह साल पहले कोरोना काल में उनकी 12 वर्षीय बेटी की मौत हो गई थी। अब बेटे जतिन की भी असमय मौत हो गई। बेटे की मौत के बाद पूनम जोशी ने भी जान दे दी। घटना से परिवार और गांव में शोक का माहौल है।
बताया गया कि जतिन को उसकी मां ने सुबह जल्द घर लौटने की बात कहकर खेलने के लिए भेजा था। इसके बाद पूनम घर पर नाश्ता बनाकर बेटे के लौटने का इंतजार करती रहीं, लेकिन जतिन की रास्ते में ही मौत हो गई।
बेटी और फिर बेटे को खोने के बाद परिवार के अनुसार पूनम गहरे सदमे में थीं। बाद में उन्होंने भी अपनी जान दे दी। अब मां और बेटे का अंतिम संस्कार एक साथ किए जाने की तैयारी है।
पूनम के पति कैलाश चंद्र जोशी असम राइफल में जवान हैं और वर्तमान में त्रिपुरा में तैनात हैं। उन्हें बेटे जतिन की मौत की जानकारी दे दी गई है, लेकिन पत्नी की मौत की जानकारी अभी नहीं दी गई है।
परिवार के लोग कैलाश के पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं, जिसके बाद मां और बेटे का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
कैलाश चंद्र जोशी की दो बेटियां और एक बेटा था। बड़ी बेटी निशा पंतनगर विश्वविद्यालय से पढ़ाई करने के बाद मध्य प्रदेश में नौकरी कर रही हैं। करीब चार साल पहले उनकी छोटी बहन की मौत हो गई थी। अब भाई और मां को खोने के बाद परिवार की जिम्मेदारी भी निशा के सामने आ गई है।
ग्रामीणों के मुताबिक, पूनम जोशी धार्मिक प्रवृत्ति की थीं और भजन-कीर्तन में भी सक्रिय रहती थीं। उनकी मौत की खबर से गांव के लोग स्तब्ध हैं।
पुलिस मामले की जांच कर रही है। परिवार और स्थानीय लोगों के बयानों के आधार पर घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है।



